अंबेडकरनगर। एसओ व पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के बाद मल्लाहपुर दलित बस्ती के लगभग सभी पुरुष सदस्य घर छोड़कर भाग गये हैं। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी पतिराम समेत 12 नामजद और 10 अज्ञात के विरुद्ध कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। शुक्रवार को एएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी की। दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बताते चलें कि भूमि से अवैध कब्जा हटवाने के विवाद में सम्मनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत रुस्तमपुर अखईपट्टी के मजरे मल्लाहपुर के ग्रामीणों ने गुरुवार सायं पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया था। इसमें एसओ सुरेश पटेल व सिपाही राधेश्याम व कृष्णा यादव गंभीर रूप से घायल हो गये थे। इसमें बृजेन्द्रनाथ शुक्ल को गुरुवार को ही बेवाना थाने का एसओ बनाते हुए सम्मनपुर में ही तैनात रहे सुरेश पटेल को वहीं थानाध्यक्ष बना दिया गया था। उनके चार्ज लेने के पहले ही यह घटना घट गयी। ऐसे में अब मौजूदा थानाध्यक्ष बीएन शुक्ल की तरफ से ही मुख्य आरोपी पतिराम समेत 12 अन्य नामजद तथा 10 अज्ञात के विरुद्ध मारपीट, बलवा, जानलेवा हमला, गंभीर रूप से घायल करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की धाराओं समेत 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी है। घटना को लेकर मल्लाहपुर के दलितों में किस कदर घबराहट है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि शुक्रवार को गांव में पूरी तरह सन्नाटा पसरा दिखा। पुलिस कार्रवाई के भय से लगभग सभी पुरुषों ने गांव से पलायन कर दिया है। शुक्रवार प्रात: 9 बजे अमर उजाला टीम हालात का जायजा लेने पहुंची तो मल्लाहपुर के तमाम घरों में सिर्फ महिलाएं ही मिलीं। वह भी ज्यादा कुछ बात करने या बताने को तैयार नहीं थीं। एक महिला ने तो मुख्य आरोपी का घर ही गलत बता दिया। टीम जब वापस आरोपी के घर पहुंची तो वहां पुरुष व महिला सभी सदस्य नदारद मिले। इस बीच शुक्रवार को दोपहर बाद हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए एएसपी राजीव मल्होत्रा ने स्वयं मोर्चा संभाला। एसओ जलालपुर नागेन्द्र सिंह, एसओ बसखारी सीबी सिंह व एसओ सम्मनपुर की टीम को लेकर कई जगह दबिश दी गयी। इस दौरान गांव के दो लोगों को हिरासत में ले लिया गया, जिनके घटना में शामिल होने का अंदेशा था। एएसपी ने बताया कि अभी इनकी भूमिका की जांच की जायेगी। कहा कि मामले में सभी दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई होगी।