फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

90 फीसदी एटीएम रहे ठप

Sun, 20 Nov 2016 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
विज्ञापन
एसबीआई का बंद पड़ा एटीएम बूथ। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
पुराने बड़े नोट के प्रचलन पर प्रतिबंध के बाद से जिले में बेपटरी हुई एटीएम सेवा रविवार को भी पटरी पर नहीं आ सकी। ग्रामीण क्षेत्रों में तो एटीएम के शटर ही नहीं खुल सके तो जिला मुख्यालय पर एचडीएफसी व एक्सिस बैंक के ही एटीएम से धन-निकासी शुरू हुई लेकिन कुछ ही देर में रकम समाप्त हो गई। जिले के लगभग 90 फीसदी एटीएम बूथ से धन-निकासी नहीं हो सकी।
विज्ञापन


लाइन में खड़े लोगों को मायूस होकर लौटने को मजबूर होना पड़ा। इन दिनों सहालग का मौसम होने एवं समुचित धन-निकासी न होने के चलते आमजन के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। 8 नवंबर से नोटबंदी के बाद से एक तरफ जहां विभिन्न बैंकों से धन-निकासी की समस्या बनी हुई है, वहीं इस समस्या में बेपटरी हुई एटीएम सेवा ने और भी वृद्धि कर दी है।

नोटबंदी के पहले ही दिन से बेपटरी हुई एटीएम सेवा लगभग एक पखवारा बाद रविवार को भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। लोगों की सुविधा के लिए जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में स्टेट बैंक आफ इंडिया, बैंक आफ बड़ौदा, यूको बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी, ओरिएंटल बैंक, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक व राजस्थान बैंक समेत कई अन्य बैंकों के 50 से अधिक एटीएम की स्थापना की गई है।
विज्ञापन


नोटबंदी के बाद लगभग एक सप्ताह तक तो किसी भी एटीएम से धन-निकासी नहीं हो सकी तो इसके बाद से इक्का-दुक्का एटीएम से ही मात्र कुछ देर तक ही धन-निकासी हो पा रही है। रविवार को भी जिले में एटीएम सेवा पूरी तरह बेपटरी रही। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित एटीएम के शटर तो रविवार को खुले ही नहीं, जिला मुख्यालय पर भी ज्यादातर एटीएम के शटर नहीं खुले।

जिनके शटर खुले भी, उनके बाहर धन न होने का बोर्ड टांग दिया गया। सुबह के समय एचडीएफसी व एक्सिस बैंक के दो एटीएम से धन-निकासी शुरू हुई तो देखते ही देखते उपभोक्ताओं की लंबी लाइन लग गई। लगभग आधा घंटे तक संचालन के बाद धन समाप्त हो गया। नतीजतन लाइन में लगे ज्यादातर उपभोक्ताओं को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।

नोटबंदी के बाद बैंकों से समुचित धन-निकासी न होने एवं एटीएम सेवा के भी बेपटरी होने पर आमजन के समक्ष आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है। सहालग का दौर तेज हो गया है। ऐसे में वैवाहिक आयोजन को सुचारु तरीके से निपटाने में लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। कटेहरी के नंदलाल ने कहा कि उनके घर में वैवाहिक आयोजन है। धन-निकासी नहीं हो पा रही है। सामान की खरीदारी में समस्या खड़ी हो रही है।

अकबरपुर के रमेश कुमार ने कहा कि उन्हें वैवाहिक आयोजन में भाग लेना है। धन-निकासी हो नहीं पा रही। अकबरपुर के महफूज आलम ने कहा कि उनके चाचा की लड़की की शादी 21 नवंबर को है। एटीएम से धन-निकासी नहीं हो सकी। एलडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एटीएम सेवा बहाली का प्रयास किया जा रहा है। रविवार को इक्का-दुक्का एटीएम से धन-निकासी हुई है।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें