अंबेडकरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 18 अदालतें लगीं। जिसमें 76,360 वादों का निपटारा हुआ। जनपद न्यायाधीश ने तीन वाद निपटाए। पारिवारिक न्यायालय ने 82 पारिवारिक वाद, विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी अधिनियम) ने 171 वाद निपटाए। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) ने 2 वाद निपटाए और 1,000 रुपये का अर्थदंड लगाया। अपर जिला जज (त्वरित प्रथम) ने 3 वाद निपटाए और 1,500 रुपये का अर्थदंड लगाया।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 7,019 वाद निपटाए और 3,65,400 रुपये का अर्थदंड लगाया। सिविल जज (सीनियर डिविजन) ने 109 वाद निपटाए, 970 रुपये का अर्थदंड लगाया और 7,06,285 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 317 वाद निपटाए, 3,030 रुपये का अर्थदंड लगाया और 38,000 रुपये का समझौता कराया। सिविल जज (सीडी) ने 655 वाद निपटाए और 6,420 रुपये का अर्थदंड लगाया। सिविल जज (जूडी) ने 204 वाद निपटाए, 1,970 रुपये का अर्थदंड लगाया और 7,87,044 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए। न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय भीटी ने 170 वाद निपटाए और 1,670 रुपये का अर्थदंड लगाया। सिविल जज (जूडी) टांडा ने 211 वाद निपटाए, 2,000 रुपये का अर्थदंड लगाया और 25,68,245 रुपये के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किए। न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय आलापुर ने 90 वाद निपटाए और 900 रुपये का अर्थदंड लगाया। न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय जलालपुर ने 182 वाद निपटाए और 3,010 रुपये का अर्थदंड लगाया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने 18 वाद निपटाए और 1,11,55,003 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई। जनपद न्यायालय, राजस्व न्यायालय, विद्युत विभाग और अन्य विभागों ने कुल 10,028 वाद, 18,936 राजस्व वाद, 3,506 वाद और 42,986 वाद निस्तारित किए। बैंकों ने 901 वाद निस्तारित कर 5,92,56,524 रुपये का समझौता कराया, जिसमें 2,41,63,260 रुपये वसूल किए गए। प्री-लिटिगेशन के 66,332 वाद निपटाए गए, कुल मिलाकर 76,360 वादों का समाधान हुआ।