अंबेडकरनगर। जिले के 74,146 पात्र परिवारों को गोल्डन कार्ड का इंतजार है। कार्ड बनवाने के लिए पंचायत भवन व जनसेवा केंद्र जाने पर मायूसी ही हाथ लग रही है। कारण यह कि सॉफ्टवेयर अपडेट होने के चलते पंचायत सहायकों व जनसेवा संचालकों को काफी दिक्कत हो रही है।
पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज के लिए केंद्र सरकार द्वारा संचालित आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ हजारों पात्रों को नहीं मिल पा रहा है। योजना के तहत कुल 2,23,488 परिवारों की तुलना में 1,49,342 परिवारों का ही गोल्डन कार्ड बन पाया है। 74,146 परिवारों को अभी भी इस सुविधा का इंतजार है। वंचित परिवारों की यह संख्या कुल लक्ष्य का 33.17 प्रतिशत है।
डेढ़ माह से कार्ड बनने का काम लगभग ठप पड़ा हुआ है। कारण यह कि बीते दिनों सरकारी व निजी अस्पतालों में कार्ड के दुरुपयोग की शिकायतें मिलने पर शासन स्तर पर सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया। अब सॉफ्टवेयर के ठीक ढंग से काम न कर पाने के चलते समस्या खड़ी हो रही है।
अकबरपुर के जनसेवा केंद्र संचालक हरीप्रसाद ने कहा कि कार्ड के लिए पंजीयन तो हो रहा है लेकिन कार्ड नहीं बन पा रहा है। सॉफ्टवेयर के अपडेट होने से समस्या हो रही है।
तहसील क्षेत्र जलालपुर के पाभीपुर गांव निवासी आशा ने बताया कि अब तक गोल्डन कार्ड नहीं बन सका है। इसके लिए जब भी पंचायत भवन में जाती हैं तो वेबसाइट न चलने का हवाला देकर लौटा दिया जाता है। कार्ड न बनने से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
तहसील क्षेत्र जलालपुर के दुल्हूपुर निवासी तारा देवी ने बताया कि बीते दिनों ही इस योजना के बारे में पता चला। जनसेवा केंद्र के साथ ही पंचायत भवन पर भी कार्ड बनवाने के लिए गई थी लेकिन कार्ड नहीं बन सका। यदि कार्ड बन गया होता तो इलाज आदि में सहूलियत होती।
मछलीगांव निवासी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि कई दिनों से कार्ड बनवाने के लिए पंचायत भवन व जनसेवा केंद्र का चक्कर लगा रहे हैं। इसके अलावा आयुष्मान मित्र से भी संपर्क किया लेकिन कार्ड नहीं बन सका है। इसे लेकर जिम्मेदारों को गंभीरता दिखानी चाहिए।
तहसील क्षेत्र अकबरपुर के कटरिया सम्मनपुर गांव निवासी बाढू राजभर ने बताया कि गोल्डन कार्ड नहीं बन सका है। कारण यह कि कभी वेबसाइट बंद होने का हवाला देकर वापस कर दिया जाता है तो कभी अन्य कारण बताकर। कार्ड न बनने से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वेबसाइट में कुछ परिवर्तन होने से समस्या आ रही है। जल्द ही सुचारु रूप से कार्ड बनने लगेगा।
-डॉ. संजय वर्मा, डिप्टी सीएमओ