फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इंटर की 739 छात्राओं ने छोड़ी गृह विज्ञान परीक्षा

Fri, 17 Mar 2017 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
विज्ञापन
परीक्षा - फोटो : symbolic
विज्ञापन
यूपी बोर्ड परीक्षा में शुक्रवार को 739 छात्राओं ने इंटरमीडिएट गृह विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा छोड़ दी। इसमें कुल 10 हजार 947 छात्राओं को शामिल होना था। परीक्षा के दूसरे दिन भी कोई नकलची हत्थे नहीं चढ़ा। दूसरे दिन भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की टीम परीक्षा केंद्रों तक नहीं पहुंच सकी। इससे नकलचियों व नकल माफिया के हौसले बुलंद हैं।
विज्ञापन


 
शुक्रवार को दूसरे दिन प्रथम पाली में इंटरमीडिएट गृह विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र की ही परीक्षा थी। कई परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था का माहौल रहा। पहले दिन मची आपाधापी के बावजूद शुक्रवार को पेयजल व प्रकाश व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने की तरफ प्रशासन का ध्यान नहीं था।

नतीजतन परीक्षार्थियों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ा। अकबरपुर, जलालपुर व भीटी तहसील अंतर्गत एक दर्जन से अधिक ऐसे परीक्षा केंद्र रहे, जहां पेयजल व प्रकाश की समस्या बनी रही। इस बीच शुक्रवार को हुई गृह विज्ञान इंटरमीडिएट की परीक्षा से 739 छात्राओं ने किनारा कर लिया।
विज्ञापन


विभागीय अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार की परीक्षा में कुल 10 हजार 947 स्टूडेंट्स को भाग लेना था लेकिन 10 हजार 208 छात्राएं ही परीक्षा में शामिल हुईं। यूपी बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन व सकुशल निपटाने को लेकर जिला प्रशासन किस तरह लापरवाह बना हुआ है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ही इस बार परीक्षा से किनारा किए हुए हैं।

न तो जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में प्रत्यक्ष तौर पर कोई बैठक हुई है और न ही अपर जिलाधिकारी ने ऐसी किसी बैठक में भाग लेने की जरूरत महसूस की। गत वर्षों में नकल रोकने को लेकर डीएम व एडीएम परीक्षा शुरू होने से पहले ही दो से अधिक बैठकों में भागीदारी कर आवश्यक रणनीति तय कर लेते थे।

इस बार जब प्रधानमंत्री ने यूपी में नकल को लेकर तंज कसा है तो भी प्रशासनिक अधिकारियों की बेफिक्री बरकरार है। परीक्षा जैसे गंभीर मामले को लेकर अधिकारियों के रवैए का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस बार बोर्ड परीक्षा की तैयारी बैठक की अध्यक्षता डीएम की बजाए एसडीएम सदर ने की थी। उसमें भी ज्यादातर मजिस्ट्रेट भाग लेने इसलिए नहीं पहुंचे थे क्योंकि डीएम ही बैठक में नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें