भीषण गर्मी के बीच जिले में डायरिया का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो जब जिला अस्पताल में डायरिया के नए मरीज भर्ती न होते हों। बुधवार को भी डायरिया के छह नए मरीज भर्ती हुए जिनमें एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
उधर, संक्रामक रोगों पर अंकुश पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। न तो आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया और न ही जागरूकता अभियान ही चलाया जा सका है। थाना क्षेत्र बेवाना अंतर्गत रघुनाथपुर गांव निवासी प्रीति (32) पत्नी पवन पांडेय को बुधवार सुबह उल्टी-दस्त होने लगा।
परिवारीजनों ने पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया लेकिन तबियत में सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं, जैतपुर थाना अंतर्गत प्रतापपुर गांव निवासिनी चारू (16) पुत्री नरेंद्र को डायरिया की चपेट में आने के बाद परिवारीजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
उधर, अकबरपुर थाना अंतर्गत अमरौला गांव निवासी विश्वनाथ (50) पुत्र रामराज को बुधवार सुबह उल्टी-दस्त होने लगा। परिवारीजनों ने पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया लेकिन तबियत में सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
इसी थाना क्षेत्र अंतर्गत राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्रा जाह्नवी (22) पुत्री महेशराम को उल्टी-दस्त होने के बाद विद्यालय प्रशासन ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, आलापुर थाना अंतर्गत आलापुर बाजार निवासी रामलौट (40) पुत्र गिरिजाशंकर को बुधवार भोर में उल्टी-दस्त होने पर सीएचसी रामनगर में भर्ती कराया।
जहां हालत की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, जिले में लगातार बढ़ते डायरिया के प्रकोप के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अब तक ठोस कदम नहीं उठा सका है।
न तो ग्रामीण क्षेत्रों में दवाओं का वितरण किया जा सका है और न ही जागरूकता अभियान ही चलाया जा सका है। आलापुर के रामकुमार व भीटी के जगदीश ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तमाम मांग के बावजूद अब तक आवश्यक दवाओं का वितरण नहीं किया जा सका है।