अंबेडकरनगर पुलिस लाइन में पकड़कर लाए गए भारत बंद का आन्दोलन निकालने वाले लोग।
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अंबेडकरनगर। नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में बुधवार को बहुजन क्रांति मोर्चा व बहुजन मुक्त पार्टी के भारत बंद आह्वान का जिले में मिलाजुला असर रहा। जगह जगह कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। कहा गया कि यह कानून देश को बांटने वाला है। ऐसे में देश के हित को देखते हुए कानून को वापस लिया जाए। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही इस तरफ ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस बीच कानून के विरोध में जुलूस निकालने के प्रयास पर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से करीब एक हजार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले बंद को देखते हुए जिले में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।
गौरतलब है कि बहुजन क्रांति मोर्चा व बहुजन मुक्त पार्टी ने संयुक्त रूप से सीएए, एनआरसी व एनपीआर के विरोध में बुधवार को भारत बंद का एलान किया था। बंद को देखते हुए प्रशासन ने जिला मुख्यालय से लेकर अन्य क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर रखे थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए कार्यकर्ताओं ने छोटी छोटी टुकड़ियों में जगह जगह जुलूस निकालने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें अधिक दूर तक नहीं जाने दिया। 587 लोगों को गिरफ्तार कर धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया। जिला मुख्यालय पर बहुजन मुक्त पार्टी के युवा प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र राजभर, जिलाध्यक्ष लालजी गौतम, बहुजन क्रांति मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रवीण गौतम, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग के लालमणि पटेल, राष्ट्रीय मूल निवासी महिला संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष उर्मिला वर्मा, लॉयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश निगम आदि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जलालपुर मार्ग पर जुलूस निकालने का प्रयास किया। बाइपास के निकट ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पुलिस लाइन में बने अस्थाई जेल भेज दिया गया।
अकबरपुर अयोध्या मार्ग पर भी कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालने का प्रयास किया। पुराने तहसील तिराहे से पहले ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया और गिरफ्तार कर पुलिस लाइन भेज दिया। यहां प्रदर्शन में बड़ी तादाद में महिलाएं भी जुटीं। अकबरपुर टांडा मार्ग के अलावा जलालपुर, टांडा, बसखारी, किछौछा, जहांगीरगंज, शुकुलबाजार समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में भी कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। कहा गया कि सीएए देश को बांटने वाला कानून है। ऐसे में देश हित को देखते हुए इस कानून को तत्काल वापस लिया जाए। इस प्रकार के कानून को कतई लागू नहीं होने दिया जाएगा। चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र ही इस तरफ ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाए। उधर भारत बंद का जिले में मिलाजुला असर रहा। अकबरपुर, टांडा, बसखारी, किछौछा, जलालपुर व आलापुर के कई क्षेत्रों में दुकानें भी बंद रहीं।