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प्राथमिक स्कूल में 48 बच्चों की हालत बिगड़ी

Tue, 21 Mar 2017 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर की बसखारी सीएचसी में मंगलवार को भर्ती परिषदीय स्कूल के बच्चों से पूछताछ करते दरोगा। - फोटो : अमर उजाला
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उच्च प्राथमिक विद्यालय दुर्गीपुर फैजुल्लाहपुर में मंगलवार को छात्र-छात्राओं को अचानक तेज खुजली व दर्द होने से अफरातफरी मच गई। बच्चों की चीखपुकार सुनकर अध्यापकों के साथ ही आसपास के ग्रामीण भी विद्यालय पहुंच गए।
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तेज खुजली व दर्द से परेशान बच्चों को रोते-बिलखते देख ग्रामीणों ने एंबुलेंस व अन्य साधनों से 48 छात्र-छात्राओं को बसखारी सीएचसी पहुंचाया। इनमें से छह बच्चे बेहोशी की हालत में थे। एकाएक इतनी तादाद में बच्चों के पहुंचने से सीएचसी में भी हड़कंप का माहौल रहा।

डॉक्टरों के उपचार करने पर कुछ देर में बच्चों को राहत मिल गई। वहीं, इस बीच विद्यालय पहुंची बसखारी पुलिस ने छानबीन की। इस पर पता चला कि विद्यालय के बाहर जंगली जहरीले पौधे केवाच को पॉलीथिन में भरकर फेंका गया था। हवा के साथ उसी पौधे के अंश विद्यालय परिसर में पहुंचने से बच्चों की हालत बिगड़ी थी।
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बसखारी थाना क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय दुर्गीपुर फैजुल्लाहपुर में मंगलवार पूर्वाह्न अचानक छात्र-छात्राएं तेज खुजली व शरीर में दर्द से रोने-चिल्लाने लगे। कक्षा सात की रोशनी, शब्बो तथा कक्षा आठ की नाजिया, कुलदीप, सरिता व शशिकला तो बेहोश हो गईं। इससे स्कूल में अफरातफरी मच गई।

देखते ही देखते तमाम ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और एंबुलेंस व अन्य साधनों से कुल 48 छात्र-छात्राओं को सीएचसी पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया तो कुछ देर में ही बच्चों की हालत में सुधार हो गया। 

उधर, बसखारी पुलिस ने विद्यालय जाकर छानबीन की। इस पर पता चला कि विद्यालय के विभिन्न कक्षों की खिड़की जिस तरफ खुलती है, उसके बाहरी हिस्से की तरफ एक बाग में पॉलीथिन में जहरीले जंगली पौधे केवाच को किसी ने फेंका था।

तेज हवा चलने से इसी पौधे के अंश खिड़कियों से भीतर पहुंचने के कारण बच्चों की हालत बिगड़ गई। दरअसल इस पौधे के संपर्क में आने से पूरे शरीर में तेज खुजलाहट होने लगती है। एसओ राजेश यादव ने बताया कि जंगली पौधे के अंश को बरामद कर लिया है। छानबीन की जा रही है।घटना को लेकर कोई तहरीर नहीं मिली है।

सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. मारकंडेय प्रसाद ने बताया कि जहरीले जंगली पौधे केवाच से तत्व हवा में उड़ने से बच्चे प्रभावित हुए थे। इनमें से छह बच्चों के भीतर सांस के जरिए वह तत्व चले गए थे। इससे उनकी हालत ज्यादा खराब हुई थी।

इन बच्चों को ज्यादा देर तक अस्पताल में रोका गया, जबकि अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल छुट्टी दे दी गई थी। गंभीर रूप से प्रभावित बच्चों को भी बाद में हालात में सुधार आने पर छुट्टी दे दी गई। 

बीएसए जेएन सिंह ने बताया कि, उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चे जंगली पौधे से प्रभावित हुए थे। जानकारी होते ही खंड शिक्षा अधिकारी बृजभूषण पांडेय मौके पर गए थे। केवाच नामक पौधे के संपर्क में आने की वजह से बच्चों को तेज खुजली व दर्द की परेशानी हुई थी।

कोई भी बच्चा बेहोश नहीं हुआ था। वहीं, प्रधानाध्यापक मिर्जा सलाहुद्दीन का कहना है कि, विद्यालय में प्रतिदिन सफाई कराई जाती है। विद्यालय परिसर के बाहर रखे जंगली पौधे की वजह से ये दिक्कत आई है। 

रोशनी, शब्बो, नाजिया, कुलदीप, सरिता, शशिकला, अंजलि, ममता, लक्ष्मी, अनुराधा, रूपलता, शीतल, राधिका, संध्या, सोनम, बबिता, रंजना, रुचि, कुसुम, कृति, रुचि, रीता, शशि, अनामिका, ज्योति, दीपांजलि, महिमा, प्रतिमा, काजल, विनोद, अभिषेक, रजनीश, संजय, चंदन, अमरजीत, सूरज, राजेश, अनुपम, रवीश व राजकुमार आदि की हालत इन बच्चों की बिगड़ी रही। 
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