जैतपुर क्षेत्र में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किमी 85 के पास हुए हादसे के बाद जांच करते आरटीओ
अंबेडकरनगर। जैतपुर के अंबरपुर टोल प्लाजा के पास शुक्रवार को हादसे का शिकार हुई एसी स्लीपर बस यातायात नियमों की अनदेखी की मिसाल है। बिहार में पंजीकृत इस बस की सिटिंग क्षमता 17 और स्लीपर क्षमता 28 है। इसके बावजूद बस में अनधिकृत संशोधन किए गए थे। परिवहन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक बस के खिलाफ अब तक 44 चालान हो चुके हैं, जिनकी कुल लंबित राशि 2,44,500 रुपये है।
बस का पंजीकरण 14 जनवरी 2026 को हुआ था। बीमा, प्रदूषण और फिटनेस समेत सभी दस्तावेज अपडेट मिले हैं। इसके बावजूद बस लगातार यातायात नियमों का उल्लंघन करती रही। मार्च 2026 में लखनऊ में पहली बार एक हजार रुपये का चालान हुआ था। इसके बाद अनधिकृत संशोधन, नो पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाने, सीट बेल्ट न लगाने समेत विभिन्न मामलों में 43 और चालान हुए।
शुक्रवार सुबह हादसे की सूचना पर आरटीओ अयोध्या संजय कुमार झा, एआरटीओ सतेंद्र यादव और टीएसआई जेबी यादव मौके पर पहुंचे और जांच की। एआरटीओ ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों के दस्तावेज वैध मिले हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ट्रेलर पर भी 14 चालान, 80 हजार रुपये बकाया
हादसे में शामिल ट्रेलर के खिलाफ भी यातायात नियमों के उल्लंघन के 14 चालान हो चुके हैं। वर्ष 2023 से 2025 के बीच तमिलनाडु, कानपुर, मध्यप्रदेश समेत अन्य स्थानों पर इन चालानों के जरिये 80 हजार रुपये की राशि लंबित है। हालांकि, पिछले एक वर्ष में ट्रेलर का कोई चालान नहीं हुआ है।