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15 दिन में फुंक गए 42 ट्रांसफार्मर

Fri, 15 Apr 2016 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर के विद्युत स्टोर में बदहाल पड़े ट्रांसफार्मर। - फोटो : अमर उजाला
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बढ़ती गर्मी के बीच लोड बढ़ते ही विद्युत ट्रांसफार्मर भी जवाब देने लगे हैं। अकबरपुर विद्युत वितरण खंड में सिर्फ अप्रैल माह में ही अब तक 42 से ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। इसके चलते शहरी व ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर लगातार प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
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ट्रांसफार्मरों के बार-बार बिगड़ने व फुंकने के पीछे उनके घटिया निर्माण को मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है। इसके बावजूद ऐसे ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति रोकने को लेकर पावर कार्पोरेशन गंभीर नहीं है। इसका सीधा खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

 प्रत्येक वर्ष गर्मी की शुरुआत होते ही विद्युत ट्रांसफार्मरों के जलने व फुंकने का सिलसिला शुरू हो जाता है। दरअसल गर्मी के दिनों में शहरी व ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विद्युत की खपत काफी बढ़ जाती है। इसका सीधा प्रभाव घरों व प्रतिष्ठानों तक आपूर्ति पहुंचाने वाले ट्रांसफार्मरों पर पड़ता है।
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सामान्य दिनों में भी जिले के 75 प्रतिशत से अधिक ट्रांसफार्मर ओवरलोड ही रहते हैं। गर्मी शुरू होते ही यह संकट और भी बढ़ जाता है। कूलर, एसी व पंखों के प्रयोग का अतिरिक्त भार पड़ते ही विद्युत ट्रांसफार्मर जहां-तहां जवाब देने लगते हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित 25 केवी से लेकर 100 केवी तक के ट्रांसफार्मर होते हैं।

इन ट्रांसफार्मरों पर ओवरलोड सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में एक-एक कर इन ट्रांसफार्मरों के जवाब देने का सिलसिला गर्मी के साथ ही शुरू हो गया है। यूं तो जिला मुख्यालय पर ट्रांसफार्मरों के लिए एक स्टोर की स्थापना की गई है लेकिन क्षमता न बढ़ाए जाने के कारण गर्मी में यहां लगभग सदैव ट्रांसफार्मरों का टोटा ही पड़ा रहता है।
 
इस वर्ष भी गर्मी की शुरुआत होने के साथ ही ट्रांसफार्मरों के फुंकने व बिगड़ने का सिलसिला शुुरू हो गया है। 1 अप्रैल से लेकर अब तक अकबरपुर विद्युत वितरण खंड में ही 42 ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। गत वर्ष 1126 ट्रांसफार्मर पूरे वर्ष में फुंके थे।

ट्रांसफार्मरों के लगातार बिगड़ने के पीछे ट्रांसफार्मरों के घटिया निर्माण को ही मुख्य रूप से जिम्मेदार माना जा रहा है। पावर कार्पोरेशन के सूत्रों के मुताबिक ट्रांसफार्मरों के निर्माण में गुणवत्तापरक सामान का इस्तेमाल न करने के चलते ही ट्रांसफार्मर जल्दी खराब हो रहे हैं।

उपभोक्ताओं का मानना है कि ऐसी कंपनियों से ट्रांसफार्मरों की आपूर्ति ही रोकने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। गड़बड़ी को लेकर उनके विरुद्ध केस दर्ज कराया जाए तभी बात बनेगी। 
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