1 नवंबर से जिले में प्रारंभ होने वाले धान खरीद को लेकर जिले में पूरी तरह लापरवाही का माहौल है। किसानों को अपनी उपज की बिक्री में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह छह एजेंसियों के कुल 41 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, लेकिन क्रय केंद्रों पर किसी प्रकार की तैयारी नहीं शुरू की जा सकी है।
अधिकांश क्रय केंद्रों पर न तो कांटा बांट पहुंच सका है और न ही बोरा। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों का धान खरीदने को लेकर विभाग कितना गंभीर है। देर से बुआई करने के चलते पूर्वांचल के जनपदों में 1 अक्तूबर की बजाए 1 नवंबर से धान खरीद का निर्णय शासन ने बीते दिनों लिया था।
किसानों को धान बिक्री में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में 6 एजेंसियों के कुल 41 क्रय केंद्र स्थापित किए गए। इसमें पीसीएफ के 27, यूपी स्टेटएग्रो के 1, यूपीएसएस के 2, कर्मचारी कल्याण निगम के 3, भारतीय खाद्य निगम के 2 व खाद्य विभाग के 6 केंद्र शामिल हैं।
हालांकि विगत वर्ष कुल 45 क्रय केंद्र स्थापित किए गए थे। क्रय केंद्र तो कम कर दिया गया, लेकिन जिले को धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाकर 80 मीट्रिक टन कर दिया गया। विगत वर्ष लक्ष्य 50 मीट्रिक टन ही था। निर्धारित समय पर सुचारु धान खरीद का कार्य शुरू हो सके, इसके लिए बीते दिनों बैठक कर डीएम वैभव श्रीवास्तव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे।
यह अलग बात है कि तमाम दिशा निर्देशों के बाद भी अधिकांश केंद्रों पर लापरवाही का माहौल पसरा हुआ है। न तो इन केंद्रों पर कांटा बांट पहुंच सका है और न बोरा। इतना ही नहीं, अधिकांश पर बैनर तक नहीं टंग सका है।
इसके अलावा लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विभाग की तरफ से अब तक किसी प्रकार का जागरुकता अभियान भी नहीं चल सका है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि 1 नवंबर से प्रारंभ होना वाले धान खरीद कार्य को लेकर विभागीय अधिकारी व क्रय केंद्र प्रभारी कितना गंभीर हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी सभी प्रकार की तैयारियां समय से पूर्ण कर लिए जाने का दावा कर रहे हैं।
वहीं एडीएम रामसूरत पांडेय ने बताया कि सुचारु धान खरीद के लिए क्रय केंद्र प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शीघ्र ही सभी क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं कोई कमीं पाई गई, तो समय रहते उसे दूर कर दिया जाएगा।