शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों द्वारा जलालपुर विकास खंड के 42 विद्यालयों के निरीक्षण में चार शिक्षक अनुपस्थित मिले। साथ ही दो विद्यालयों में एमडीएम में लापरवाही का मामला प्रकाश में आया। इस पर न सिर्फ सभी अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया बल्कि दो प्रधानाध्यापकों को कारण बताओ नोटिस जारी की गई।
डीएम विवेक के निर्देश पर शुक्रवार को कई विकास खंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों ने जलालपुर विकास खंड के 42 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई विद्यालयों में मनमानी सामने आई।
बीएसए डा. राजबहादुर मौर्य ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ेपुर में तैनात सहायक अध्यापिका किरन चौधरी बगैर किसी प्रार्थनापत्र के दो दिन से नदारद मिलीं। इस पर अग्रिम आदेश तक उनका वेतन रोके जाने के निर्देश के साथ ही उनसे स्पष्ष्टीकरण मांगा गया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय कन्नूपुर में तैनात अनुदेशिका किरन कुमारी बीते 28 सितंबर से बगैर किसी सूचना के नदारद मिलीं। उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो उनकी सेवा समाप्ति करने की कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए श्री मौर्य ने बताया कि उच्च प्राथमिक विद्यालय दाउदपुर में सहायक अध्यापक अजय कुमार बगैर किसी सूचना के अनुपस्थित मिले। इस पर अग्रिम आदेश तक वेतन रोके जाने के निर्देश के साथ साथ स्पष्टीकरण मांगा गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय खालिसपुर भटौली में सहायक अध्यापक राजमणि बीते 17 दिसंबर से नदारद मिले।
उनका भी वेतन रोके जाने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा गया। सरदार पटेल बालिका जूनियर हाईस्कूल नरायनपुर के निरीक्षण में मात्र 24 बच्चे विद्यालय में मिले, जबकि रजिस्टर में उपस्थित बच्चों की संख्या नहीं अंकित की गई थी। इस पर प्रभारी प्रधानाध्यापक संदीप कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया।
उच्च प्राथमिक विद्यालय ताजूपुर में 17 व 18 दिसंबर को एमडीएम बनना तो दर्शाया गया है, लेकिन रजिस्टर पर उपस्थित छात्र छात्राओं की संख्या अंकित नहीं की गई थी। इस पर प्रधानाध्यापक रामप्रकाश से स्पष्टीकरण मांगा गया।