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अस्पतालों में चिकित्सकों के 35 पद खाली

Thu, 06 Aug 2015 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
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अरसे से जिला अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में चिकित्सकों के 35, स्टाफ नर्स के 11 पद, डीआरए के छह, डेंटल हाइजनिस्ट के तीन, एक्स रे टेक्नीशियन के दो व नेत्र परीक्षण अधिकारी तथा लैब टेक्नीशियन के एक एक पद रिक्त चल रहे हैं।
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चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की कमी का खामियाजा मरीजों व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। रिक्त चल रहे इन पदों पर तैनाती के लिए शासन को पत्र भी भेजा गया लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया जा सका।

स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति का दावा करने वाले स्वास्थ्य मंत्री व स्वास्थ्य राज्यमंत्री को अपने ही गृहजनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने की सुध नहीं है। चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी के चलते मरीजों व उनके तीमारदारों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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महकमे में लंबे समय से रिक्त चल रहे स्वास्थ्य कर्मियों के इन पदों पर तैनाती की मांग भी समय समय पर की जाती रही है लेकिन इस तरफ कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। हाल ही में संबंधित अधिकारियों के लगातार शासन से पत्राचार के बाद आयोग के निर्देश पर सीएचसी व पीएचसी में 10 संविदा चिकित्सकों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद अभी भी जिला अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी में कुल 35 चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं।
 
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक जिला मुख्यालय सहित सभी सीएचसी व पीएचसी में डॉक्टरों के कुल 112 पद सृजित हैं। इनमें से 77 पदों पर डॉक्टरों की तैनाती है, जबकि 35 डॉक्टरों के पद अभी रिक्त चल रहे हैं। स्टाफ नर्स के 29 पदों के सापेक्ष 11 पद, डीआरए के 8 पदों के सापेक्ष 6 पद, नेत्र परीक्षण अधिकारी के एक पद, डेंटल हाईजनिस्ट के आठ के सापेक्ष तीन पद व एक्स रे टेक्नीशियन के आठ पदों के सापेक्ष दो पद रिक्त चल रहे हैं।

बड़ी संख्या में रिक्त चल रहे पदों पर तैनाती को लेकर मरीजों व उनके तीमारदारों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। जिला अस्पताल में मिले तीमारदार मनोज कुमार, रईस अहमद, सतीशचंद्र व अभिमन्यु ने बताया कि सभी पदों पर डाक्टरों की तैनाती न होने से उनके समक्ष विभिन्न प्रकार की समस्याएं हो रही हैं। कभी कभी तो मजबूर होकर निजी चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ता है।
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