अंबेडकरनगर। जिले में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए चल रही लखपति दीदी योजना नए मुकाम छू रही है। दो वर्ष में अब तक 34,000 महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये या उससे अधिक दर्ज की जा चुकी है।
जिले में वर्तमान समय में लगभग 12 हजार स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे जुड़ी महिलाएं विविध आजीविकाओं से जुड़कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। केंद्र व राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना वर्ष 2024 से संचालित की जा रही है। इसमें तीन वर्षों के लिए 65,500 महिलाओं को लखपति बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। उपायुक्त सुरेंद्र सिंह ने बताया कि चार कृषि मौसमों अथवा चार व्यापार चक्रों के आधार पर महिलाओं की आय का आकलन किया जाता है, जिनकी औसत मासिक आय 10 हजार रुपये या उससे अधिक रहती है, उन्हें लखपति दीदी घोषित किया जाता है। चार कृषि मौसमों या चार व्यापार चक्रों की गणना के बाद जिनकी औसत मासिक आय 10 हजार या इससे अधिक बनी रहती है, उन्हें ही लखपति दीदी माना जाता है। इनमें इस वर्ष पहली तिमाही में करीब 2800 महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में शामिल किया गया है।