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Ambedkar Nagar News: तीन गांवों में ध्वस्त किए गए 33 मकान

Mon, 13 Oct 2025 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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घर को ध्वस्त करती जेसीबी।
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अंबेडकरनगर। एनटीपीसी टांडा के लिए अधिग्रहीत किए गए सलाहपुर राजौर, हासिमपुर और हुसैनपुर सुधाना गांवों में जिला प्रशासन का ध्वस्तीकरण अभियान तेज हो गया है। सोमवार को डेढ़ दर्जन से अधिक जेसीबी मशीनों के साथ तीनों गांवों में प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी पहुंचे। इस दौरान 33 आशियानों को जेसीबी से ध्वस्त कराया गया। कुल 54 मकानों में से अब तक 39 जमींदोज हो चुके हैं। जिला प्रशासन ने इन गांवों तक कोई पहुंच न पाए, इसके लिए दोनों प्रमुख गेट पर बैरिकेडिंग लगाकर बंद कर दिया है। साथ ही हर वाहन की कड़ी जांच भी की जा रही है।
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एनटीपीसी टांडा के दूसरे चरण की परियोजना की शुरुआत वर्ष 2009 में हुई थी। इसके लिए नौ गांवों में 271.94 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण किया जाना था। वर्ष 2013 में प्रदेश सरकार ने यह जमीनें राजस्व खतौनी में एनटीपीसी के नाम दर्ज कर दी थीं। उस समय कई ऐसे परिवार थे, जिन्होंने भूमि अधिग्रहण से इनकार कर दिया था और कोर्ट का रुख कर लिया था। हालांकि, उनकी अपील हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट में नहीं टिकी और दोनों जगह से खारिज किए जाने बात प्रशासन की ओर से कही जा रही है। पिछले एक सप्ताह से इन तीन गांवों में बने करीब 74 मकानों को खाली कराए जाने की कवायद चल रही है।
सोमवार को प्रशासन पूरे लय में रहा। गांवों की ओर जाने वाले दो प्रमुख मार्गों को बंद कर दिया गया। यहां से सिर्फ अफसरों और ध्वस्तीकरण में लगे लोगों को ही जाने की इजाजत दी गई। गांवों में मोबाइल के इस्तेमाल की भी पाबंदी रही। घरों से निकाले गए सामान को डीसीएम व ट्रैक्टर ट्रॉली पर लादकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया गया। यहां से हटाए गए लोगों उनके बताए गए स्थानों पर पहुंचाया गया। दोनों परिवारों ने कांशीराम कॉलोनी टांडा में अपना सामान रखवाया है।
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दीपावली से एक सप्ताह पहले घर उजाड़ना अतिनिंदनीय : सांसद
सांसद लालजी वर्मा ने बताया कि पूर्व एमएलसी हीरालाल यादव के साथ रविवार को ही डीएम अनुपम शुक्ला से मुलाकात की थी। उनसे आग्रह किया था कि दीपावली तक कार्रवाई रोक दी जाए और इन लोगों को विस्थापित करने के लिए जमीन चिह्नित कर मुख्यमंत्री आवास बनाए जाएं। इसके बाद भी प्रशासन और एनटीपीसी ने अपनी पूरी ताकत लोगों का घर उजाड़ने में झोंक दी है, इसकी जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। यह कार्रवाई भाजपा सरकार की तानाशाही का परिचायक है।

मुआवजे के लिए लगेगा शिविर : एडीएम

एडीएम डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि सभी आवास स्वेच्छा से खाली कराए जा रहे हैं, किसी से कोई जबरदस्ती नहीं की गई है। साथ ही सामान पहुंचाने के लिए वाहन व मजदूर भी मुहैया कराए गए हैं। इन परिवारों को मुआवजा दिलाने के लिए एनटीपीसी में शिविर लगाया जाएगा। एनटीपीसी के कर्मचारी फार्म भरवाने से लेकर मुआवजा दिलाने में मदद करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कार्रवाई की जा रही है। कोई बेघर न रहे, इसके लिए प्रशासन दृढ़ संकल्पित है।

पांच साल पहले छीनी मजदूरी, अब घर
सद्दरपुर। हुसैनपुर सुधाना के आशाराम का मकान सोमवार को ध्वस्त कर दिया गया है। आशाराम ने बताया कि वह अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ गुजर-बसर कर रहे थे। एक पुत्र की शादी हो चुकी है और उसकी पत्नी व पुत्र भी इसी मकान में रहते थे। जबकि अन्य तीनों पढ़ाई कर रहे हैं। आशाराम बताते हैं कि एनटीपीसी में पहले मजदूरी किया करते थे, लेकिन करीब पांच साल पहले जमीन न लिखने के चलते उन्हें काम से हटा दिया गया था। अब आशियाना उजाड़ दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने डरा धमकाकर घर खाली कराया। सिर छिपाने के लिए किराये का मकान लिया है।

इनके मकान हुए ध्वस्त
विद्युतनगर। हासिमपुर गांव में नरेन्द्र देव तिवारी और पवन तिवारी के मकान गिरा दिए गए। इस गांव में 14 मकानों में से अब तक सात ध्वस्त किए जा चुके हैं। वहीं हुसैनपुर सुधाना गांव में अब्दुल्लाह, रिजवान अहमद, शफीकुर्रहमान, मोहम्मद आलम, मेराज अहमद, आशाराम और तौहीद अहमद समेत 15 लोगों के मकान सोमवार को ध्वस्त किए गए। अब इस गांव के सभी 19 मकान ध्वस्त हो चुके हैं। सलाहपुर रजौर गांव में 41 में से अब तक तीन मकान ध्वस्त किए गए हैं। खबर लिखे जाने तक प्रशासन की टीम मौके पर मुस्तैद थी।


हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं खारिज होने के बाद जमीन खाली कराए जाने की कवायद की जा रही है। जिन लोगों के घर ध्वस्त किए जा रहे हैं, उन्हें उनके बताए स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। जिन लोगों के पास आवास या अन्य कोई ठिकाना नहीं है, उनके लिए टांडा और अकबरपुर कांशीराम कॉलोनियों में आवास आरक्षित किए गए हैं। आवासहीन परिवारों के लिए भविष्य में जमीन चिह्नित कर मुख्यमंत्री क्लस्टर हाउस बनाने की भी योजना है। - अनुपम शुक्ला, जिलाधिकारी

घर को ध्वस्त करती जेसीबी।

घर को ध्वस्त करती जेसीबी।

घर को ध्वस्त करती जेसीबी।

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