सूखे पड़े थिरुआ नाले में मछली भूनने के लिए लगाई गई आग ने जंगल को चपेट में ले लिया। इससे लगभग 30 बीघा जंगल राख हो गया। आग जंगल से होते हुए इब्राहिमपुर के सेवई वनपुरवा गांव तक पहुंच गई। वहां ग्रामीण जब तक आग को काबू करतेे, तब तक लपटों ने आठ मकानों को जलाकर राख कर दिया।
एनटीपीसी से पहुंची फायरब्रिगेड की दो गाड़ियों ने काफी देर के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में लगभग 14 लाख की संपत्ति के नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सहायता दिलाए जाने की मांग की है।
टांडा तहसील के ग्राम पंचायत भड़सारी के मजरे सेवई बनपुरवा में मंगलवार दोपहर बाद उस समय चीख पुकार मच गई, जब ग्रामीणों ने गांव के पास स्थित वन विभाग के जंगल में आग लगी देखी। आग थिरुआ नाले की तलहटी में हैंसापुर के पास से भड़की।
ग्रामीणों का अनुमान है कि किसी ने मछली भूनने के लिए नाले के किनारे आग लगाई। उसी की चिंगारी से आग ने विकराल रूप ले लिया। ग्रामीणों ने लगभग 30 बीघा जंगल में फैल रही आग को रोकने के लिए तेजी से प्रयास शुुुरू कर दिए। उनका पूरा ध्यान बस्ती की तरफ बढ़ रही आग को रोकने पर था।
इस बीच ग्रामीणों ने पुलिस व फायर ब्रिगेड टीम को घटना की जानकारी दी। जब तक एनटीपीसी से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचती, तब तक आग गांव तक पहुंच चुकी थी। आग ने वहां एक के बाद एक घरों को आगोश में लेना शुरू कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई।
सामान निकालने की हड़बड़ी में कई महिलाएं गिर पड़ीं, उनमें से कई घायल हो गईं। ग्रामीण व फायर ब्रिगेड की टीम जब तक आग पर काबू पाते, तब तक आठ घर जलकर राख हो चुके थे। इसमें कपड़े व घरेलू सामग्रियों के अलावा बड़ी मात्रा में राशन भी शामिल था। इससे ग्रामीणों को लगभग छह लाख रुपये का नुकसान हुआ है।