पात्र गृहस्थी व अंत्योदय योजना से जुड़े लगभग साढ़े तीन लाख पात्रों को अब अप्रैल से चीनी नहीं मिलेगी। आपूर्ति विभाग ने सभी कोटेदारों को निर्देशित किया है कि वे ग्रामीणों को इसकी जानकारी उपलब्ध कराते रहें और सूचना पट पर भी इसका अंकन करते हुए चीनी की उपलब्धता शून्य दर्शा दें।
गौरतलब है कि शहरी क्षेत्र में 91 व ग्रामीण क्षेत्र के 1030 कोटे को मिलाकर कुल 1121 कोटे की दुकानें स्थापित हैं। इन्हीं दुकानों से दो लाख 74 हजार 708 पात्रों को पात्र गृहस्थी योजना तथा 65 हजार 967 पात्रों को अंत्योदय योजना के तहत सस्ते दर पर चीनी उपलब्ध कराई जाती रही है। अब इन्हें यह सुविधा अप्रैल से नहीं मिल सकेगी।
इससे तीन लाख 40 हजार 675 पात्रों को तगड़ा झटका लगना तय माना जा रहा है। जिले में इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आपूर्ति विभाग ने सभी कोटेदारों को निर्देश दिए हैं कि इस बारे में संबंधित पात्रों को समय रहते अवगत करा दिया जाए और कोटे के सूचना बोर्ड पर चीनी की उपलब्धता शून्य अंकित कर दी जाए।
हालांकि अभी किसी भी कोटेदार ने अपने सूचना बोर्ड पर ऐसा कोई अंकन नहीं किया है लेकिन उन तक जानकारी पहुंच गई है। कोटेदार मौखिक तौर पर लोगों को इस निर्णय की जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। उल्लेखनीय है कि अंत्योदय व पात्र गृहस्थी योजना के तहत एक यूनिट पर 850 ग्राम चीनी अब तक उपलब्ध कराई जाती थी।
जिले में पात्र गृहस्थी व अंत्योदय योजना से जुड़े लगभग साढ़े तीन लाख जिन पात्रों को चीनी उपलब्ध कराने का जिम्मा आपूर्ति विभाग के पास था, उसके लिए बड़े पैमाने पर चीनी की आमद होती थी। इन पात्रों के लिए प्रत्येक माह 3664.98 क्विंटल चीनी जिले में पहुंचती थी।
राशनकार्ड के जरिये सस्ते दर की चीनी बंद होने से अब लगभग तीन गुना महंगी चीनी संबंधित पात्रों को खरीदनी पड़ेगी। दरअसल एक यूनिट पर 850 ग्राम चीनी अब तक मिलती थी। संबंधित पात्र को 13 रुपये 50 पैसे प्रति किग्रा की दर से भुगतान करना पड़ता था।
अब उन्हें बाजार में 40 से 42 रुपये प्रति किग्रा की दर से चीनी खरीदने को विवश होना पड़ेगा। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्णय के अनुसार अप्रैल से चीनी का वितरण नहीं होगा। सभी कोटेदारों को निर्देश दिए जा चुके हैं। सूचना बोर्ड पर अंकन कराया जा रहा है।