प्रमन श्रीवास्तव
अंबेडकरनगर। उद्योगों की स्थापना के साथ अर्थव्यवस्था मजबूर करने के लिए जिले में दो औद्योगिक गलियारे विकसित किए जाने हैं। इसके लिए 650 करोड़ रुपये की लागत से करीब 281 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। कई प्रस्ताव भू अध्याप्ति विभाग की ओर से कमिश्नर को मंजूरी के लिए भेजे गए हैं। माना जा रहा है कि मार्च तक अधिग्रहण पूरा करते हुए यूपीडा को औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने के लिए डीपीआर बनाने का जिम्मा सौंपा जाएगा। सबकुछ ठीक रहा तो इस साल के अंत तक उद्योगों की स्थापना के लिए भू आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
पहले थे सिर्फ तीन मिनी औद्योगिक क्षेत्र
अंबेडकरनगर जिले का गठन होने के बाद भी यहां वृहद औद्योगिक क्षेत्र नहीं था। कड़कड़किला, अकबरपुर व कुन्नूपुर में तीन मिनी औद्योगिक क्षेत्र ही थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट की शुरुआत की तो यहां पर देश की कई नामचीन कंपनियों ने निवेश के लिए एमओयू हस्ताक्षर करना शुरू कर दिया। वर्ष 2024 में जीआईएस 4 में 11243 हजार करोड़ रुपये के 702 निवेश प्राप्त हुए। इसके बाद डीएम अविनाश सिंह ने मुख्यमंत्री से वार्ता कर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे और गोरखपुर एक्सप्रेस वे के किनारे दो औद्योगिक कॉरिडोर को मंजूरी दिलाई।
बेवाना व नूरपुर में 377 हेक्टेअर क्षेत्रफल पर बनेगा कॉरिडोर
दोनों औद्योगिक कॉरिडोर के लिए कुल 377 जमीन जुटाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। सदर तहसील क्षेत्र के बेवाना में 231 हेक्टेअर व जलालपुर तहसील क्षेत्र के नूरपुर में 146 हेक्टेअर जमीन अधिग्रहीत करने की तैयारी शुरू की गई। पिछले एक वर्ष के दौरान बेवाना में करीब 180.18 हेक्टेअर और नूरपुर में 101.01 हेक्टेअर भूमि का अधिग्रहण पूरा कर लिया गया है। इसके लिए किसानों को करीब 650 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। भूमि अधिग्रहण पूरा करने के साथ ही अवस्थापना संबंधी कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से डीपीआर तैयार किया जाएगा।
दोनों औद्योगिक कॉरिडोर के लिए करीब 80 प्रतिशत जमीनों का अधिग्रहण कर लिया गया है। उद्योगों की स्थापना से जिले की अर्थव्यवस्था सुधरेगी और लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। -अविनाश सिंह, जिलाधिकारी