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डेंगू के अब तक मिले 24 मरीज

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अंबेडकरनगर। जिले में भी डेंगू ने दस्तक दे दी है। कुल 24 मरीज सामने आए हैं। इनका उपचार किया जा रहा है, हालांकि किसी को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ी है। मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर हरकत में आए स्वास्थ्य महकमे ने सभी आवश्यक प्रबंध तय करने का दावा किया है। यह भी कहा है कि इसके लिए दवाओं व संसाधनों की कोई कमी जिले में नहीं है।
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संक्रामक रोगों में शामिल डेंगू ने तेजी से पांव पसारना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य महकमे में इसे लेकर अलर्ट की स्थिति है। सबसे ज्यादा 10 मरीज अकबरपुर ब्लॉक में सामने आए हैं जबकि टांडा में नौ मरीज मिले हैं। इन्हीं दोनों ब्लॉकों में सबसे ज्यादा मरीजों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन ब्लॉकों पर ध्यान केंद्रित किया है।
जलालपुर व कटेहरी में दो-दो मरीज जबकि बसखारी ब्लॉक में डेंगू का एक मरीज मिला है। विभाग के लिए राहत की खबर यह है कि इन 24 मरीजों में से किसी एक को भर्ती करने की नौबत नहीं आई। आवश्यक दवाएं व उपचार के बाद मरीज अपने-अपने घरों पर ही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ऐसे मरीजों की लगातार निगरानी की जा रही है।
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नोडल अधिकारी डॉ. नवनिधि मिश्रा ने बताया कि डेंगू पर रोकथाम के लिए कीटनाशक दवाओं के छिड़काव के लिए पत्र भेजा गया है। सभी नगर पालिका परिषद व नगर पंचायत के अलावा जिला पंचायत को दवाओं के छिड़काव के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायतों में छिड़काव कराने के लिए विकास खंड अधिकारियों को भी पत्र लिखा गया है। जल्द ही फीडबैक भी लिया जाएगा। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शनिवार को भी दवाओं आदि के छिड़काव का दौर चला। बताया गया कि यह अभियान कई दिनों से चलाया जा रहा है।
डॉ. नवनिधि ने बताया कि अन्य बीमारियों की तरह डेंगू के भी कुछ सामान्य लक्षण हैं। इसके मरीज को तेज सिरदर्द के साथ बुखार शुरू हो जाता है। इसके अलावा मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द होने के साथ ही जी मचलाना भी डेंगू का लक्षण है। समय से उपचार न होने पर स्थिति बिगड़ जाती है। इससे नाक, मुंह व शौच के दौरान खून आ सकता है। यदि किसी भी मरीज में इस तरह के लक्षण दिखाई पड़ें तो तत्काल सरकारी अस्पताल में चिकित्सक से संपर्क करें, और बेहतर उपचार कराएं। इससे वे जल्द स्वस्थ हो सकते हैं।
चिकित्सकों की सलाह है कि डेंगू से बचने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। घरों के आसपास पानी न एकत्रित होने दें। नालियों व अन्य स्थानों पर समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें। यह मच्छर दिन में काटते हैं। ऐसे में अपने शरीर को ढक कर रखने की कोशिश करें। बच्चों को लेकर विशेष सतर्कता बरतें। यदि तीन दिन से अधिक बुखार हो तो तत्काल चिकित्सक से संपर्क करें। बिना चिकित्सक की सलाह के किसी प्रकार की दवा का सेवन न करें।
जिला अस्पताल में डेंगू के मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं। जांच व उपचार के साथ ही स्थिति गंभीर होने पर मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड भी आरक्षित हैं। डेंगू से बचने के लिए नागरिकों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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-डॉ. ओमप्रकाश, सीएमएस
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