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2200 अभ्यर्थियों ने छोड़ी परीक्षा

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2200 अभ्यर्थी ने परीक्षा में नहीं शामिल हुए। परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए छह जोनल व 185 स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई। जिलाधिकारी विवेक के अलावा अन्य अधिकारी लगातार परीक्षा केन्द्रों का भ्रमण करते रहे। केन्द्रों के अलावा सार्वजनिक स्थानों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
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मालूम हो कि लेखपाल भर्ती परीक्षा सुबह साढ़े दस बजे शुरू होनी थी। अभ्यर्थी दो घंटे पहले ही से परीक्षा केंद्रों पर आने लगे। साढ़े नौ बजे तक तमाम अभ्यर्थी परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए।  परीक्षा प्रारंभ होने से लगभग लगभग एक घंटा पूर्व परीक्षार्थियों को सघन तलाशी के बाद केंद्र के अंदर जाने दिया गया।

मोबाइल व अन्य सामान भी गेट पर ही जमा करा लिया गया। जिले के 20 परीक्षा केंद्रों पर हुई इस लेखपाल भर्ती परीक्षा में 30 हजार 375 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। परीक्षा को सकुशल निपटाने के लिए कुल 6 जोन मजिस्ट्रेट व 185 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए।
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इसके साथ ही एक हजार 193 कक्ष निरीक्षकों को लगाया गया था। प्रथम पाली में 15 हजार 187 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। साढ़े दस परीक्षा प्रारंभ हुई। सेक्टर व जोन मजिस्ट्रेट लगातार परीक्षा केंद्रों का सघन निगरानी करते रहे।  पर निगाह रखे हुए थे।

प्रथम पाली में सकुशल परीक्षा निपटने के बाद प्रशासन ने दूसरी पाली में भी परीक्षा को निपटाने की चुनौती संभाली। दूसरी पाली में 15 हजार 188 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। दोनों पालियों में सकुशल परीक्षा निपटने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।

पूरी परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी विवेक संबंधित अधिकारियों से परीक्षा के बारे में आवश्यक जानकारी प्राप्त करते रहे और दिशा निर्देश देते रहे। सीडीओ डॉ मन्नान अख्तर, एडीएम रामसूरत पाण्डेय व एएसपी पंकज पांडेय भी केंद्रों तक पहुंचते रहे। एडीएम पांडेय ने बताया कि किसी भी केंद्र से किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं आईं।

परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई गई। कुछ केंद्रों पर परीक्षार्थियों के समक्ष प्रवेश पत्र को लेकर समस्या उत्पन्न हुई थी लेकिन उसे समय रहते निपटा लिया गया। बताया कि परीक्षा में 30 हजार 375 परीक्षार्थियों को शामिल होना था, लेकिन सात प्रतिशत लगभग 2200 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से किनारा किया।
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