अंबेडकरनगर। माध्यमिक विद्यालयों में सेवारत 210 तदर्थ शिक्षकों की होली का रंग फीका ही रह गया। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद आठ माह से बकाया चल रते वेतन का भुगतान होली पर भी नहीं हो सका। पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे शिक्षकों की मुश्किल और बढ़ गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद तदर्थ शिक्षकों के भविष्य पर गहराया संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है। इससे 210 तदर्थ शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। शिक्षक लगातार अपनी मांग सरकार के समक्ष रख रहे हैं। स्नातक एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने सदन में भी इस मुद्दे को उठाया था।
शिक्षकों के अनुसार सरकार की तरफ से आश्वस्त किया था कि होली से पहले उनके खाते में रकम पहुंच जाएमी। होली भी आ गई लेकिन हाथ मायूसी ही आई है।
माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष उमेश वर्मा व शिक्षक शैलेंद्र तिवारी ने विभाग व सरकार की उपेक्षा पर नाराजगी जताई। कहा कि करीब दो दशक से तदर्थ शिक्षक बिना वेतन भुगतान के भी अपनी सेवा सुचारु रूप से दे रहे हैं।
ऐसे में सरकार व विभाग को शिक्षकों व उनके परिजनों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करना चाहिए। आर्थिक तंगी न सिर्फ शिक्षकों को अवसाद में डाल रही है बल्कि उनके परिवार का भी सपना टूट रहा है। सरकार को इस पर ठोस पहल करने की जरूरत है।