अंबेडकरनगर। शिक्षासत्र प्रारंभ हुए लगभग छह माह बीतने को हैं, लेकिन अब तक 21 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं को नया ड्रेस उपलब्ध नहीं हो सका है। ऐसा तब है, जबकि संबंधित विद्यालयों के खाते में धन मौजूद है। संबंधित स्कूलों के प्र्रधानाध्यापक की लापरवाही का ही नतीजा है कि नए ड्रेस से नौनिहाल वंचित हैं। इस पर संबंधित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए अविलंब नया ड्रेस उपलब्ध कराया जाए। उधर पुस्तक, जूता व मोजा का शत प्रतिशत वितरण किया जा चुका है।
परिषदीय स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को समय पर ड्रेस, पुस्तक, जूता, मोजा, व बैग मिल सके, इसके लिए शासन ने नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने से पहले ही जरूरी दिशा निर्देश दिए थे। निर्देशित किया गया था कि शिक्षण कार्य प्रारंभ होने से पहले छात्र-छात्राओं को सभी जरूरी सामग्री उपलब्ध करा दिया जाए। ड्रेस समय पर छात्र-छात्राओं को उपलब्ध हो सके, इसके लिए नया शिक्षासत्र प्रारंभ होने से पहले ही जरूरी राशि जिले में भेज दी गई थी। जिले में कुल 1881 परिषदीय व कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें 1353 प्राथमिक, 520 उच्च प्राथमिक, जबकि 8 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में कुल 2 लाख 12 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
अब जबकि नया शिक्षासत्र प्रारंभ हुए लगभग छह माह बीतने को हैं और अर्धवार्षिक परीक्षा भी निकट है। इसके बावजूद अभी भी 21 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं में ड्रेस का वितरण नहीं किया जा सका है। बीएसए कार्यालय के अनुसार दो जोड़ी ड्रेस के लिए 450 रुपये प्रति छात्र की दर से राशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में समय रहते भेज दी गई थी। कुछ स्कूलों की प्रबंध समिति के खाते में गड़बड़ी होने के चलते राशि नहीं निकल सकी। इसी के चलते ड्रेस का वितरण नहीं हो सका। हालांकि संबंधित विद्यालय से जुड़े अभिभावकों के अनुसार विद्यालय प्रधानाध्यापक की लापरवाही के चलते ड्रेस का वितरण नहीं हो पा रहा है। ड्रेस का तो शतप्रतिशत वितरण नहीं हुआ, लेकिन पुस्तक, जूता मोजा व बैग का शत प्रतिशत वितरण जिले में कर लिए जाने का दावा बीएसए कार्यालय ने किया है।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 62 परिषदीय विद्यालय अंग्रेजी माध्यम से संचालित हैं। आधी अधूरी तैयारी के बीच जिले के 62 परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम से तो कर दिया गया, लेकिन संबंधित विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को सुचारु शिक्षा मिल सके, इसे लेकर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लगभग 25 दिन पहले संबंधित इंग्लिश मीडियम विद्यालयों में शतप्रतिशत पुस्तकों का वितरण हो सका। पुस्तकें समय पर न मिलने से संबंधित विद्यालय के छात्र-छात्राओं को सुचारु शिक्षा ग्रहण करने में विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को सुचारु शिक्षा मिल सके, इसे लेकर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। लोकनाथपुर के अभिमन्यु ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शिक्षासत्र बीते छह माह पूरे होने को है, लेकिन छात्र-छात्राओं को समुचित सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं। टेइवा के अशोक कुमार कहा कि योजनाएं तो तमाम संचालित हो रही हैं, लेकिन इनका समुचित लाभ छात्र-छात्राओं को मिल सके, इसे लेकर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
बीएसए अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुस्तक, जूता, मोजा व बैग का शत प्रतिशत वितरण किया जा चुका है। कुछ विद्यालयों के बच्चों में ड्रेस का वितरण नहीं हुआ है। शीघ्र ही संबंधित विद्यालयों में वितरण कर दिया जाएगा।