अंबेडकरनगर। शासन-प्रशासन के तमाम निर्देश के बाद भी पराली जलाने की घटनाएं नहीं रुक रही हैं। सोमवार को चार किसानों से जुर्माने की 20 हजार रुपये धनराशि वसूली गई। जागरूकता कार्यक्रम व अधिकारियों की अपील के बाद भी अब तक 14 किसान पराली जलाते हुए मिल चुके हैं, जिन पर 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
उपकृषि निदेशक डॉ. अश्विनी कुमार सिंह ने बताया कि पराली जलाने से स्वास्थ्य, पर्यावरण और मिट्टी को कई गंभीर नुकसान होते हैं, जैसे वायु प्रदूषण बढ़ना, सांस संबंधी बीमारियां फैलना, मिट्टी की उर्वरता और नमी में कमी आना और फसल उत्पादन पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा, इससे वन्य जीवों को नुकसान होता है और आग फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। अब तक जलालपुर में चार, अकबरपुर में तीन, टांडा में दो और टांडा में सबसे अधिक पांच सहित 14 किसानों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से चार किसानों से राजस्व की वसूली कर उसे सरकारी खाते में जमा कराया गया है। वहीं, आलापुर और जलालपुर में चार कंबाइन मशीन को सीज किया गया।
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रोक के बाद भी पराली जलाने पर नहीं लग पा रही लगाम
श्रवण क्षेत्र। खेतों में पराली जलाने में लगी रोक के बाद भी किसान सरकारी आदेशों को धुएं में उड़ा रहे हैं। क्षेत्र के कई स्थानों पर किसान धान से निकली पराली को खेत पर ही जला रहे हैं। कनकपट्टी गांव में भी बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा गई है। संवाद