इंटरमीडिएट के मेधावियों के लिए वर्ष 2015-16 में लाए गए 200 लैपटॉप उन्हें अभी तक नहीं मिल पाए हैं। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते मेधावियों के उक्त लैपटॉप एक राजकीय इंटर कॉलेज में पड़े धूल फांक रहे हैं।
पूर्व की सपा सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने चुनाव के दौरान किए गए वायदे के अनुसार इंटर के मेधावियों को लैपटॉप वितरित करने की योजना शुरू की थी। युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए लैपटॉप वितरण की योजना युवाओं को खूब भायी। हालांकि उस दौरान लैपटाप वितरण को लेकर विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही कई बार सामने आई।
उनके पुराना रवैया अभी भी जारी है। लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2015-16 में मेधावियों में वितरण के लिए जिले में आए 1830 लैपटॉप में 200 का वितरण मेधावियों में नहीं हो सका। यह लैपटॉप नतीजा यह है कि 200 लैपटॉप राजकीय इंटर कालेज अकबरपुर के एक कमरे में पड़े धूल फांक रहे हैं।
उक्त लैपटॉप का वितरण नहीं होने की एक वजह प्रदेश में सत्ता परिवर्तन भी माना जा रहा है। पूर्व की सपा सरकार द्वारा चलाई जा रही कई योजनाओं पर रोक लगा दी गई है। लैपटॉप पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो है। ऐसे में इन लैपटॉप के वितरण को लेकर सवालिया निशान खड़ा हो गया है। डीआईओएस विनोद सिंह ने बताया कि लैपटॉप वितरण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। शासन से मिले दिशा निर्देश के अनुसार कार्य किया जाएगा।