थाना क्षेत्र अहिरौली के विशुनपुर गांव में शुक्रवार दोपहर लगी आग से 20 घर जलकर राख हो गए। इससे लगभग 15 लाख रुपये का नुकसान हो गया। आग से एक अधेड़ ग्रामीण व चार दुधारू पशु झुलस गए। सूचना के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया और ग्रामीणों को समुचित मदद का भरोसा दिलाया।
इससे पहले फायरब्रिगेड की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से घंटों के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के बाद ग्रामीणों के बीच घंटों अफरातफरी का माहौल बना रहा। आग से हादसों का दौर जिले में कम नहीं हो रहा।
एक दिन पहले बेवाना थाना क्षेत्र के खुलासपुर दलित बस्ती में लगी आग से 33 घर जलकर राख हो गए थे जबकि शुक्रवार दोपहर आग ने अपना कहर अहिरौली थाना क्षेत्र के विशुनपुर गांव में बरपाया। ग्रामीणों के अनुसार चूल्हे से निकली राख को कुछ परिवारों ने गांव के बाहर स्थित बांस कोठ के निकट फेंक दिया था।
वहां राख में मौजूद चिंगारी ने आग पकड़ ली और इसके बाद वहां से निकली चिंगारी से गांव निवासी कन्हैया पांडेय के छप्पर में आग लग गई। तेज हवा होने से लपटों ने एक-एक कर अन्य घरों को भी अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया। आग देख गांव में चीख-पुकार मच गई।
परिवारों के पुरुष सदस्य आग पर काबू पाने के उपाय में जुट गए तो वहीं महिलाओं व युवाओं समेत बच्चों ने भी घर के सामान सुरक्षित स्थान पर ले जाना शुरू कर दिया। आग पर काबू पाने की ग्रामीणों द्वारा की जा रही सभी कोशिशें पर्याप्त साबित नहीं हो रही थीं। इसी बीच सूचना मिलने पर अकबरपुर से दमकल दस्ता पहुंचा।
दस्ते के प्रयास भी वहां शुुरुआती दौर में कारगर साबित नहीं हुए। इस पर ग्रामीणों ने भी उनका सहयोग शुरू कर किया। अफरातफरी के बीच इर्द-गिर्द के अन्य गांवों के लोग भी बाल्टी आदि लेकर वहां पहुंच गए। उन्होंने भी आग बुझाने में ग्रामीणों का साथ दिया। घंटों के प्रयास के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका।
हालांकि तब तक कन्हैया के अलावा लक्ष्मीनरायण, विद्याभूषण, रामतिलक, राजेश, जगलाल, रामदुुलार, भारतभूषण, मुनि वर्मा, रामगुन, लल्लन, गौतम, रामचंद्र, रामकेदार, रामकुमार व रामनरायण समेत 20 परिवारों को तगड़ी चपत लग चुकी थी।
आग से घरेलू सामान के अलावा अनाज व अन्य तमाम संपत्ति जलकर नष्ट हो गईं। ग्रामीणों के अनुसार कुल लगभग 15 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। आग से बचाव के दौरान छोटकुन (52) झुलस गया जबकि तीन भैंस व एक गाय भी झुलस गईं।