नामांकन के बाद नामांकन पत्रों की जांच की गई। इसमें सभी नामांकन पत्र वैध पाए गए। मात्र दो नामांकन होने के चलते अब अध्यक्ष पद के लिए सपा व बसपा में सीधी टक्कर होगी।
शुक्रवार को सुबह से ही जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन को लेकर सपा व बसपा खेमे में गहमागहमी का माहौल रहा। गौरतलब है कि सपा व बसपा ने पहले ही अपने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए थे। सपा ने सुधीर सिंह उर्फ मिंटू व बसपा ने पूर्व मंत्री लालजी वर्मा की पत्नी व मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष शोभावती वर्मा को अपना प्रत्याशी घोषित किया था।
भाजपा व कांग्रेस अपने प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी थी। अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए सपा व बसपा के बीच ही सीधी टक्कर होगी। कलक्ट्रेट में नामांकन प्रक्रिया पूर्वाहन 11 बजे से प्रारंभ हुई।
41 सदस्यीय जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार पूर्वाह्न वाहनों के लंबे काफिले के बीच मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष शोभावती वर्मा कलेक्ट्रेट के निकट पहुंची। नामांकन करने के लिए वे अपने प्रस्तावक वरिष्ठ बसपा नेता जगदीश राजभर, तबस्सुम व लालबहादुर नामांकन कक्ष तक पहुंचे।
यहां तीन सेट में श्रीमती वर्मा ने नामांकन पत्र दाखिल किया। श्रीमती वर्मा के नामांकन के बहाने बहुजन समाज पार्टी ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। नामांकन के दौरान बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, पूर्व मंत्री लालजी वर्मा, पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त, राकेश पाण्डेय, एमएलसी अतहर खां, रामशिरोमणि वर्मा, श्यामसुंदर वर्मा, तारावती वर्मा, सुधा गौतम, मंजू वर्मा, दर्शन भारती आदि मौजूद रहे।
इसके बाद सपा प्रत्याशी सुधीर सिंह उर्फ मिंटू भी वाहनों के लंबे काफिले के साथ नामांकन करने कलक्ट्रेट पहुंचे। श्री सिंह ने अपने प्रस्तावकों प्रद्युम्र यादव व हरिकेश के साथ नामांकन कक्ष में पहुंचकर तीन सेटों में नामांकन पत्र दाखिल किए। इस दौरान जिलाध्यक्ष हीरालाल यादव, स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी, विधायक भीमप्रसाद सोनकर, अजीमुलहक पहलवान, शेरबहादुर सिंह, वरिष्ठ नेता अनिल सिंह, अजय सिंह, उत्तम चौधरी, धर्मेंद्र यादव, दिनेश सिंह, अमरनाथ पटेल मौजूद रहे।