अंबेडकरनगर। डीएपी के लिए परेशान किसानों की समस्या अब दूर होने वाली है। 1800 मीट्रिक टन डीएपी की खेप रैक प्वाइंट अयोध्या पहुंच गई है। मंगलवार से जिले में खाद पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा जिसे तत्काल समितियों पर भेज दिया जाएगा।
इसके अलावा प्राइवेट कंपनी की 700 एमटी डीएपी भी जल्द ही मिल जाएगी। मौजूदा समय में 2600 एमटी डीएपी की जरूरत है।
इन दिनों गेहूं की बुआई चल रही है। किसानों को डीएपी के लिए भटकना पड़ रहा है। बीते दिनों खाद की कमी को देखते हुए शासन से 2600 एमटी डीएपी की मांग की गई थी। अब किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर यह है कि डीएपी की खेप रैक प्वाइंट अयोध्या पहुंच गई है।
कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार छह दिसंबर से जिले में डीएपी पहुंचने लगेगी। इसके साथ ही समितियों पर भी भेज दिया जाएगा। इसके अलावा प्राइवेट कंपनी की 700 एमटी डीएपी भी दो दिन के अंदर पहुंच जाएगी। ऐसे में 2600 एमटी की तुलना में 2500 मीट्रिक टन डीएपी मिल जाएगी।
कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार दिसंबर में जिले में यूरिया खाद का लक्ष्य 22,300 मीट्रिक टन है। इसकी तुलना में 32,000 एमटी यूरिया उपलब्ध है। ऐसे में किसानों को यूरिया को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
किसानों की सुविधा के लिए जिले में कुल 93 साधन सहकारी समितियां संचालित हैं। कृषि विभाग कार्यालय से सभी समितियों के प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि खतौनी के अनुसार ही किसानों में खाद का वितरण किया जाए। जरूरत से अधिक खाद देने पर कार्रवाई होगी। खाद देने से पहले आधार कार्ड व खतौनी की फोटो कॉपी लेने के साथ ही ई-पॉस मशीन पर अंगूठा जरूर लगवाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
मंगलवार से समितियों पर डीएपी भेजने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। ऐसे में किसानों को डीएपी के लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है।
-पीयूष राय, उपकृषि निदेशक