राजेसुल्तानपुर। जहांगीरगंज रजबहा में पानी न आने से सिंचाई के अभाव में गन्ना व मेंथा की फसल सूख रही है। किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने में भी मुश्किल हो रही है। इससे 25 हजार से अधिक किसानों को दिक्कत हो रही है। मजबूरी में डीजल चालित मशीनों का प्रयोग करने को विवश हैं।
बताते चलें कि जहांगीरगंज रजबहा से आलापुर तहसील क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में फसलों की सिंचाई करते हैं। इन दिनों रजबहा में पानी नहीं आ रहा है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बीते एक दशक से जहांगीरगंज रजबहा का बुरा हाल है।
करीब 63 किलोमीटर लंबी इस नहर से 25 हजार से अधिक किसानों को सिंचाई का लाभ मिलता है, लेकिन इन दिनों पानी न आने से किसानों को सिंचाई में मुश्किल हो रही है। मौजूदा समय में इस क्षेत्र में गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती है।
भीषण धूप व गर्मी में गन्ना सूखने से बचाने के लिए किसानों के सामने कड़ी चुनौती है। जिन किसानों ने मेंथा की रोपाई की है, उनके लिए भी मुश्किल है। कुछ किसान वैकल्पिक तरीकों से सिंचाई कर रहे हैं, लेकिन यह उन्हें काफी महंगा पड़ रहा है।
रजबहा में पानी न होने से जगदीशपुर, नरियाव, हाजीपुर, जहांगीरगंज, ऐनवां, जोलहापुर, सहसा, सिंहपुर, आदमपुर, नसीरपुर, उमरी जलाल, अशरफपुर, सोलहवां, केदरूपुर, रामपुर, महरमपुर, दशवतपुर इटहिया, अशरफपुर, अहिरौली, रानीमऊ व गढ़वल सहित दर्जनों गांवों के किसानों को परेशानी हो रही है। धान की नर्सरी तैयार करने का समय आ गया है।
इससे किसानों की मुसीबत और बढ़ गई है। किसान मनराज, शोभा यादव, बृजेंद्र वर्मा, प्रमोद कुमार, उमापति तिवारी, राधेश्याम, लालजी सिंह, अखिलेश पांडेय आदि का कहना है कि एक तरफ बिजली उनका साथ नहीं दे रही। दूसरी तरफ रजबहा में पानी नहीं आ रहा है। जेई हृदयराम ने बताया कि एक सप्ताह बाद नहर में पानी खोला जाएगा। टेल तक पानी पहुंचाने के लिए सफाई कराई जाएगी।