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मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल में मौजूद है 98 यूनिट ब्लड

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अंबेडकरनगर। 180 यूनिट क्षमता वाले जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज में हर दिन औसतन 10 ऐसे मरीज पहुंचते हैं, जिन्हें खून की आवश्यकता होती है। जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन भी समय-समय पर रक्तदान शिविर लगाता है।
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सबसे अधिक ए व बी पॉजीटिव ब्लड ग्रुप की मांग है, जबकि सबसे कम ओ निगेटिव की। मौजूदा समय में जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज में 98 यूनिट ब्लड मौजूद है जो जरूरत के हिसाब से काफी कमी है। इसी कमी को पूरा करने की दिशा में एक प्रयास के तौर पर शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन जिला अस्पताल में किया गया है। इसका शुभारंभ डीएम राकेश कुमार मिश्र करेंगे।
शुक्रवार 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस है। इसे लेकर एक दिन जिले में किसी प्रकार की हलचल नहीं दिखी। न तो रक्तदान के लिए जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष जागरुकता अभियान चलाया गया और न ही गोष्ठी के माध्यम से लोगों को रक्तदान करने के लिए जागरूक ही किया गया।
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ऐसा तब है, जबकि जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन औसतन 10 मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें रक्त की आवश्यकता होती है। इसी दिक्कत को देखते हुए अमर उजाला फाउंडेशन ने शुक्रवार को जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर का आयोजन किया है।
बताते चलें कि जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक की क्षमता 80 यूनिट, जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर स्थित ब्लड बैंक की क्षमता 100 यूनिट है। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. एएम त्रिपाठी ने बताया कि हर दिन औसतन 8 यूनिट की आवश्यकता होती है।
मौजूदा समय में ब्लड बैंक में 36 यूनिट ब्लड मौजूद है। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में हर दिन औसतन 11 यूनिट ब्लड की आवश्यकता होती है। 100 यूनिट क्षमता वाले ब्लड बैंक में मौजूदा समय में 62 यूनिट ब्लड मौजूद है। इस बीच शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन के विशेष रक्तदान शिविर का शुभारंभ डीएम राकेश कुमार मिश्र जिला अस्पताल में करेंगे। इसकी सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

डॉ. एएम त्रिपाठी व डॉ. मनोज गुप्ता ने बताया कि ब्लड बैंक में रक्त की कमी न हो, इसके लिए समय समय पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। रक्तदान के लिए गोष्ठियों, रैलियों व चौपाल के माध्यम से लोगों को जागरूक भी किया जाता है। जिला अस्पताल में 24 घंटा ब्लड बैंक से रक्त हासिल किया जा सकता है, जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज में 12 घंटे। दोनों प्रभारियों ने बताया कि सबसे अधिक ए व बी पॉजीटिव ब्लड ग्रुप के रक्त की आवश्यकता होती है, जबकि ओ निगेटिव की सबसे कम आवश्यकता होती है।

महापुरुषों की जयंती व अन्य विशेष मौकों पर विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों द्वारा जिला अस्पताल व राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। सामाजिक संगठन पंख, पातंजली, अल इमाम चैरिटेबल फाउंडेशन, उर्मिला सुमन द फाउंडेशन, अरुणिमा सिन्हा फाउंडेशन समेत कई अन्य स्वयंसेवी संगठनों द्वारा समय समय पर शिविर के माध्यम से रक्तदान किया जाता है।

सामाजिक कार्यकर्ता अंशू बग्गा ने कहा कि रक्तदान एक पुण्य का कार्य है। इससे किसी की जान बचाई जा सकती है। किसी की जान बचाना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। कहा कि वह अब तक 36 बार रक्तदान कर चुके हैं। शहजादपुर के सूरज गुप्ता ने कहा कि उन्हें रक्तदान करने से आत्म संतुष्टि मिलती है। मैं दूसरों को भी रक्तदान करने के लिए प्रेरित करता हूं। कहा कि अब वह 12 बार रक्तदान कर चुके हैं।
16 बार रक्तदान कर चुके योगाचार्य शूल पाणि किंकर ने कहा कि उनकी संस्था समय समय पर शिविर का आयोजन कर रकतदान करती रहती है। कहा कि किसी की जान रक्त की कमीं से न जाए, यह हम सभी की बड़ी जिम्मेदारी है। खेंवार के विशाल उपाध्याय ने कहा कि वे अब तक 8 बार रक्तदान कर चुके हैं।
उन्हें जब भी जानकारी होती है कि किसी को रक्त की जरूरत है, तो तत्काल रक्तदान करने पहुंच जाते हैं। इनमियापुर के प्रवीण गुप्ता ने कहा कि उन्हें रक्तदान करने में खुशी के साथ ही आत्म संतुष्टि भी मिलती है। सभी को रक्तदान करना चाहिए। यह एक बड़ा पुण्य का कार्य है।
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जब भी किसी मरीज को ब्लड की जरूरत पड़ती है, तो उसे तत्काल ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। जिला अस्पताल में ब्लड की कमीं नहीं है।
डा. एसपी गौतम सीएमएस
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