अंबेडकरनगर। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के चलते मतगणना स्थल पर परिणाम की जानकारी के लिए कार्यकर्ताओं व आमजन की भीड़ नहीं दिखी। पल-पल का अपडेट लोग घरों, कार्यालयों व प्रतिष्ठानों पर ही रहकर मोबाइल व कंप्यूटर के माध्यम से लेते रहे।
नतीजा यह रहा कि मतगणना स्थल पर गुरुवार को भीड़ काफी कम रही। पूर्व के वर्षों में जब सोशल मीडिया का अधिक जोर नहीं था तो मतगणना शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व आमजन मौके पर इकट्ठा हो जाया करते थे। मतगणना की स्थिति को लेकर उनमें जबरदस्त उत्साह भी रहता था, लेकिन सोशल मीडिया के बढ़ते चलन ने इसमें काफी हद तक कमी ला दी है।
हाईटेक होते माहौल के बीच चुनाव परिणाम को लोगों तक पहुंचाने के तौर-तरीकों में व्यापक परिवर्तन हुआ है। इसमें सोशल मीडिया का बड़ा हाथ है। सोशल मीडिया के बढ़ते प्रचलन का ही नतीजा रहा कि गुरुवार को मतगणना स्थल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निकट कार्यकर्ताओं व आमजन का जमावड़ा काफी कम रहा। दरअसल, मतगणना की स्थिति की जानकारी लगातार उन्हें सोशल मीडिया से मिलती रही। पल-पल की स्थिति अपडेट होते रहने से लोग घरों व प्रतिष्ठानों में ही रहकर स्थिति पर नजर जमाए रहे।
न सिर्फ उन्हें अंबेडकरनगर सामान्य संसदीय सीट, बल्कि देश में होने वाली मतगणना की स्थिति की भी समुचित जानकारी हासिल हो रही थी। बताते चलें कि पूर्व में जब सोशल मीडिया का अधिक जोर नहीं था तो प्रमुख दलों के कार्यकर्ताओं के अलावा आमजन भी मतगणना की स्थिति की जानकारी हासिल करने के लिए मतगणना शुरू होने से पहले ही वहां जम जाते थे।
उनके कान लाउडस्पीकर की तरफ लगे रहते थे। जैसे ही लाउडस्पीकर पर एलान होता तो आगे बढ़ने वाले प्रत्याशी के कार्यकर्ता खुशी से उछल पड़ते और समूचा माहौल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठता था। सोशल मीडिया के बढ़ते चलन से यह माहौल अब मतगणना स्थल पर देखने को नहीं मिल रहा है। गुरुवार को इन्हीं सब के चलते उत्साही कार्यकर्ताओं की भीड़ लगभग नदारद सी रही।