अंबेडकरनगर। लोकसभा चुनाव में पोलिंग पार्टियों को रवाना करने के दौरान शनिवार को अलग तरह का दृश्य नजर आया। एक तरफ जहां बहुत से पति अपनी पत्नियों की ड्यूटी कटवाने के लिए इधर-उधर हाथ पांव मार रहे थे, वहीं एक महिला कर्मचारी अधिकारियों के पास अपने पति की ड्यूटी कटवाने की विनती करती दिखी। उसने कहा कि वह खुद ड्यूटी कर ले रही, लेकिन उसके बीमार पति को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाए। अधिकारियों ने महिला की इस अपील को स्वीकार करते हुए उसके पति को चुनाव ड्यूटी से मुक्त कर दिया।
शनिवार को अकबरपुर हवाई पट्टी पर एक तरफ पोलिंग पार्टियां रवाना हो रही थीं तो दूसरी तरफ ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारियों व उनके परिवारीजनों की लंबी लाइन लगी थी। ऐसे दंपत्ति भी पहुंचे हुए थे, जो सरकारी सेवा में थे। दोनों की ड्यूटी लगी थी। ऐसे लगभग सभी मामलों में पुरुष कर्मचारी ही यह अनुनय विनय करते नजर आ रहे थे कि उनकी पत्नी को ड्यूटी से मुक्त कर दिया जाए। कोई मासूम बच्चों का हवाला दे रहा था तो कोई सास व ससुर की सेवा का हवाला। इन सब के बीच सीडीओ अनूप कुमार श्रीवास्तव के पास एक महिला कर्मचारी प्रार्थना पत्र लेकर पहुंची। एक महिला कर्मचारी ने बताया कि वह प्राथमिक विद्यालय हुसैनपुर बीबीपुर में सहायक अध्यापिका के पद पर कार्यरत है। उसके पति उच्च प्राथमिक विद्यालय बरसाइत में परिचारक के पद कार्यरत है। महिला ने बताया कि उसके पति की तबीयत खराब है। वह डिप्रेशन के मरीज हैं। ऐसे में उनके पति की ड्यूटी काट दी जाए। महिला ने कहा कि मेरी ड्यूटी काटे जाने की जरूरत नहीं है। मैं चुनाव ड्यूटी कर लूंगी, लेकिन मेरे पति को ड्यूटी से छूट जरूर दे दिया जाए। महिला की इस अपील पर सीडीओ ने जिला विकास अधिकारी से कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए जरूरी निर्णय लिया जाए। डीडीओ वीरेंद्र सिंह ने महिला को भरोसा दिलाते हुए कहा कि कुछ देर में निर्णय लिया जाएगा।