जवान की शहादत से परिवारीजन में कोहराम
अंबेडकरनगर। असोम में तैनात अकबरपुर के रहने वाले सीआरपीएफ जवान रामअचल के नक्सली हमले में शहीद होने की खबर से मंगलवार को परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सोमवार दोपहर अकबरपुर नगर के निकट मखदूमपुर निवासी सीआरपीएफ जवान रामअचल की पत्नी के मोबाइल पर आए फोन से परिवारीजनों में हाहाकार मच गया।
रामअचल के घर में मची चीखपुकार से आसपास से ग्रामीण भागकर वहां पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों ने परिवारीजनों को ढांढस बंधाया। एसडीएम सदर अभिषेक पाठक ने भी गांव पहुंचकर शहीद के परिवारीजनों से मुलाकात की।
अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के मखदूमपुर निवासी भोरई के घर सोमवार दोपहर उस समय चीखपुकार मच गई, जब बहू सरला के मोबाइल पर एक कॉल आई। सरला के अनुसार दूसरी तरफ से बताया कि गया उनके पति रामअचल नक्सली हमले में शहीद हो गए।
दरअसल रामअचल सीआरपीएफ की बटालियन 182 ई में सिपाही थे। उनके शहीद होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भोरई के घर पहुंच गए और परिवारीजनों को ढांढस बधाया।
बताया जाता है कि मखदूमपुर निवासी भोरई के दो पुत्रों में 35 वर्षीय रामअचल दूसरे नंबर पर थे। वर्ष 2011 में उन्हें सीआरपीएफ में सिपाही पद पर नियुक्ति मिली। पहली पोस्टिंग कश्मीर में हुई।
इसके बाद अलग-अलग स्थानों से होते हुए वह इन दिनों असोम के गोलाघाट में तैनात थे। परिवार के अनुसार बताया गया कि असोम में हुए नक्सली हमले में रामअचल शहीद हुए हैं। पार्थिव शरीर बुधवार 17 अप्रैल को गांव पहुंचेगा।
खबर से रामअचल की मां सजाऊ देवी व भाई रामशकल का रो-रोकर बुरा हाल है। रामअचल की पत्नी सरला के लिए दो बेटियाें रिया व अक्षिता और बेटे समर को संभाल पाना कठिन हो रहा है। सरला बार-बार बेसुध हो जाती रही।
इन्हीं सब के बीच एसडीएम सदर अभिषेक पाठक भी रामअचल के घर पहुंचे। हालांकि एसडीएम ने कहा कि सैनिक के निधन की कोई अधिकृत सूचना प्रशासन के पास नहीं है।
जानकारी मिलने पर मैं एहतियातन गांव गया था। परिवार के लोगों ने बताया कि बटालियन से शहीद होने की सूचना मिली है। उधर गांव में कुछ लोगों ने अधिकारियों को ये भी बताया कि नक्सली हमले जैसी कोई खबर अब तक सामने नहीं आयी है।