अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज को लेकर चिकित्सकों का गैरजिम्मेदाराना रवैया दूर नहीं हो रहा है। बुधवार को ड्यूटी पर तैनात सर्जन अस्पताल नहीं पहुंच सके, तो नेत्र सर्जन कुछ देर मरीजों को देखने के बाद कक्ष से उठकर चले गए। इससे संबंधित इलाज कराने पहुंचे लगभग 200 मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। इतना ही नहीं, साढ़े 12 बजे पर्ची काउंटर से कर्मचारी भी हट गए। कर्मचारियों के न होने से मरीज पर्ची नहीं कटा सके, इससे लगभग 150 मरीजों को बिना इलाज के ही वापस लौटने को मजबूर होना पड़ा।
तमाम दिशा-निर्देश के बावजूद जिला अस्पताल में मरीजों व उनके तीमारदारों को स्वास्थ्य संबंधी समुचित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। चिकित्सकों का विलंब से अस्पताल पहुंचना और समय से पहले कक्ष छोड़कर चला जाना आम बात हो गई है। चिकित्सकों की तरह ही कर्मचारी भी पूरी तरह लापरवाह हो गए हैं। समय-समय पर मरीजों व उनके तीमारदार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत करते हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका। नतीजा यह है कि चिकित्सकों व कर्मचारियों का गैरजिम्मेदाराना रवैया लगातार जारी है। बुधवार को भी कुछ इसी प्रकार की लापरवाही का खामियाजा मरीजों व उनके तीमारदारों को भुगतना पड़ा।
सर्जन के रूप में चिकित्सक डॉ. वीबी गौतम की ड्यूटी थी, लेकिन वह अस्पताल नहीं पहुंच सके। नेत्र सर्जन डॉ. पंकज ने भी कुछ देर तक तो मरीज का इलाज किया, लेकिन इसके बाद वह कक्ष छोड़कर चले गए। नतीजा यह रहा कि संबंधित चिकित्सक से इलाज के लिए मरीजों को इधर-उधर भटकने को मजबूर होना पड़ा। चिकित्सक कहां गए और कब आएंगे, इसके बारे में अस्पताल प्रशासन कोई जवाब नहीं दे सका। इसके अलावा पर्ची काउंटर साढ़े 12 बजे छोड़कर कर्मचारी निकल गए। नतीजा यह हुआ कि इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे लगभग 150 मरीज पर्ची न होने पर बगैर इलाज के ही वापस लौट गए।
लापरवाही करने वालों पर हो कार्रवाई
राजेपुर से आए मरीज रामलखन ने कहा कि वे सर्जन से इलाज के लिए पहुंचे थे। लगभग डेढ़ घंटे तक चिकित्सक का इंतजार किया, लेकिन चिकित्सक नहीं आए। इसके चलते अब बगैर इलाज के ही वापस जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे लापरवाह चिकित्सकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। अकबरपुर की रेखा ने कहा कि उसे नेत्र में समस्या है। जब वह अस्पताल पहुंची, तो पता चला कि नेत्र सर्जन कक्ष से जा चुके हैं। कब आएंगे, कुछ पता नहीं। दहियावर के गंगाराम व लालचंद्र ने कहा कि दो घंटे के इंतजार के बाद भी जब चिकित्सक नहीं अस्पताल नहीं पहुंचे, तो उन्हें अब बगैर इलाज के वापस जाना पड़ रहा है।
सुचारु रूप से हुआ इलाज
सर्जन डॉ. वीबी गौतम की नाइट ड्यूटी थी, इसके चलते वह अस्पताल नहीं आए। उनके स्थान पर डॉ. नंदलाल को बुलाया गया था। सुबह 9:00 से अपराह्न 2:00 बजे तक पर्ची काउंटर खुला रखने व पर्ची काटने का निर्देश है। यदि 12:30 बजे काउंटर पर कोई कर्मचारी नही था तो वे इस दिखवाएंगे। जांच के बाद शिकायत सही मिली, तो कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. एसपी गौतम, सीएमएस