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बकाया भुगतान न मिलने से क्रय केन्द्र प्रभारियों की गेहूं खरीद से इंकार

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बसखारी (अंबेडकरनगर)। गत वर्ष हुई गेहूं खरीद के बाद ढुलाई में आए खर्च का करीब पांच लाख रुपये भुगतान न मिलने से क्रय केंद्र प्रभारियों में नाराजगी है। दोबारा क्रय केंद्र बनाने पर प्रभारियों ने पिछला भुगतान अविलंब न मिलने पर गेहूं खरीद का बहिष्कार करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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बताते चलें कि क्रय केंद्र प्रभारी धान व गेहूं की खरीद के बाद उसे ट्रकों से विभाग द्वारा अधिकृत गोदामों पर भेजते हैं। बीते वर्ष बसखारी विकासखंड में गेहूं खरीद के लिए साधन सहकारी समिति के सात क्रय केंद्र बनाए गए थे। इन क्रय केंद्रों पर खरीद के बाद ट्रकों के माध्यम सेे गेहूं को शाहगंज स्थित गोदाम पर पहुंचाया गया। गेहूं पहुंचाने का जिम्मा क्रय केंद्र प्रभारियों को सौंपा गया। कहा गया कि वह गेहूं को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराएं।

बाद में विभाग उन्हें भाड़े का भुगतान दूरी के हिसाब से कर देगा। सहकारिता विभाग व खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारियों की मनमानी का आलम ये है कि एक वर्ष का समय बीत गया, लेकिन अब तक न तो दूरी प्रमाणित की गई और न ही भाड़े का भुगतान किया गया। ऐसे में क्रय केंद्र प्रभारी लाखों रुपये के बकाएदार बन बैठे हैं। कार्रवाई के भय से क्रय केंद्र प्रभारी खुलकर अधिकारियों से शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं। मगर अब जब नई खरीद की पहल शुरू हुई है तो क्रय केंद्र प्रभारियों ने भी अपने तेवर सख्त कर लिए हैं।
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शुक्रवार को क्रय केंद्र प्रभारी रामजनम वर्मा, रामतेज, नीलम गुप्ता, त्रिभुवन नाथ, सुरेंद्र वर्मा, अशोक, हरिनाथ आदि ने बैठक की। इसमें तय किया कि यदि अविलंब बकाया भाड़े का भुगतान नहीं किया जाता है, तो वे इस बार खरीद नहीं करेंगे। क्रय केंद्र प्रभारियों के मुताबिक करीब पांच लाख रुपये का भुगतान बकाया है। इस बाबत क्रय केंद्र प्रभारियों ने एडीओ कोआपरेटिव रामदयाल पांडेय से शिकायत भी दर्ज कराई है। एडीओ कोआपरेटिव का कहना है कि दूरी प्रमाणित करने का अधिकार खाद्य एवं विपणन विभाग का है। केंद्र प्रभारियों की समस्या को जल्द ही उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उधर डिप्टी आरएमओ अजित कुमार सिंह का कहना है कि सहकारिता विभाग ने अभी तक दूूरी प्रमाणित कर रिपोर्ट नहीं दी है। यदि रिपोर्ट मिली तो जल्द ही भुगतान कराया जाएगा।
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