विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा क्षेत्र के लोगों के लिए आधारकार्ड बनवाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। आवेदक संबंधित बैंक का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की मनमानी के चलते उनके आधारकार्ड नहीं बन पा रहे हैं। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद न तो बैंक प्रबंधन ध्यान दे रहा है और न ही जिला प्रशासन। ऐसे में इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
एक तरफ जहां सभी योजनाओं में आधारकार्ड की अनिवार्यता हो गई है, वहीं टांडा क्षेत्र में नया आधारकार्ड बनवाना या उसमें कोई संशोधन कराना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। नगर की बैंक ऑफ बड़ौदा व आईसीआईसीआई बैंक में आधारकार्ड बनाए जाने की व्यवस्था है। शिकायत है कि बैंककर्मियों की लापरवाही से आम नागरिक आधारकार्ड बनवाने के लिए चक्कर लगा रहे हैं।
आईसीआईसीआई बैंक में तो महीने की एक तारीख को लाइन लगवा कर रजिस्टर पर लोगों के नाम अंकित कर उन्हें सीरियल नंबर व तारीख दे दी जाती है, जोकि अगले महीने तक की होती है। ऐसे में यदि किसी को शीघ्र जरूरत हो तो उसे समय से आधारकार्ड मिल पाना संभव नहीं है।
आवेदकों के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा की टांडा शाखा में आधारकार्ड कब बनेगा, कौन बनाएगा, कैसे बनेगा इसके बारे में जानकारी देने वाला भी कोई नहीं है। आए दिन इन बैंकों में आधारकार्ड बनवाने की उम्मीद में आवेदक पहुंचते हैं और मायूस होकर फिर लौट जाते हैं। इसके चलते दिन प्रतिदिन उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। क्षेत्र के तमाम लोग आधारकार्ड बनवाने के लिए बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं।
टांडा नगर की निवासी कुतबुलनिशा, फातिमा व शहनाज का कहना है कि वह एक सप्ताह से आधारकार्ड बनवाने के लिए भटक रही हैं, लेकिन उनका आधारकार्ड नहीं बन पा रहा है। इसी तरह मुबारकपुर के संदीप व राजेश भी आधारकार्ड में पता संशोधन के लिए सप्ताह भर से भटक रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से इस व्यवस्था में सुधार कराने की मांग की है। उधर, एसडीएम एमपी सिंह का कहना है कि जल्द ही मामले को दिखवाया जाएगा। आम नागरिकों की सुविधाओं को सुगम बनाया जाएगा।