लगभग 20 करोड़ की लागत से जिला अस्पताल में निर्मित 100 बेड वाले मातृ-शिशु अस्पताल का शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में शुभारंभ किया।
इसके साथ ही ओपीडी की भी शुरुआत हो गई। अस्थाई तौर पर तीन महिला चिकित्सकों की तैनाती कर मरीजों का इलाज किया गया। पहले दिन कुल 70 मरीजों का इलाज हुआ।
जिला अस्पताल परिसर में निर्मित 100 बेड वाले मातृ-शिशु अस्पताल का शुभारंभ शुक्रवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। स्टाफ की कमी के बावजूद शुभारंभ होने के साथ ही अस्पताल में ओपीडी की शुरुआत हो गई।
पहले दिन तीन महिला चिकित्सकों डॉ. वी वर्मा, डॉ. अर्चिता श्रीवास्तव व डॉ. आशा की अस्थाई तौर पर ओपीडी में ड्यूटी लगाकर इलाज प्रारंभ किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार पहले दिन कुल 70 मरीजों का इलाज हुआ।
बेवाना की मरीज चंद्रावती का नए अस्पताल में पहली मरीज के रूप में इलाज हुआ। प्रशासन के अनुसार शीघ्र ही सभी स्टाफ की तैनाती शासन स्तर पर हो जाएगी। इसके बाद अस्पताल का पूरी तरह से संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
बताते चलें कि वर्ष 2013-14 में जिला अस्पताल में 19 करोड़ 98 लाख 80 हजार रुपये की लागत से 100 बेड वाले मातृ-शिशु अस्पताल के निर्माण को हरी झंडी शासन ने दिखाई थी।
निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम को सौंपी गई। शुरुआत से ही कार्यदायी संस्था की लापरवाही व मानक की अनदेखी किए जाने की शिकायतें सामने आती रहीं।
जांच के बाद गड़बड़ी दूर करने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया गया। इस बीच बीते दिनों ही निर्माण कार्य पूर्ण करने के बाद कार्यदायी संस्था ने स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया।
अस्पताल के संचालन के लिए एक चिकित्साधीक्षक, तीन महिला रोग विशेषज्ञ, तीन बालरोगा विशेषज्ञ, तीन बेहोशी के चिकित्सक, एक रेडियोलॉजिस्ट, 26 स्टाफ नर्स, एक लैब टेक्नीशियन व 42 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की आवश्यकता है। अब तक मात्र चार स्टाफ नर्स व एक लैब टेक्नीशियन की ही तैनाती हो सकी है।
सीएमएस डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि शुभारंभ के साथ ही अस्पताल में ओपीडी शुरू हो गई। तीन महिला चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई। पहले दिन कुल 70 मरीजों का इलाज हुआ। शीध्र ही सभी स्टाफ की तैनाती शासन स्तर पर हो जाएगी। इसके बाद अस्पताल का पूरी तरह संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।