अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर समस्याओं से जूझ रहे यात्री
अंबेडकरनगर। पूर्वांचल के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों से एक अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का पुरसाहाल नहीं है। सामान्य व आरक्षण टिकट काउंटर पर स्टॉफ की कमीं के चलते तीन काउंटर ठप पड़े हैें। नतीजा यह है कि टिकट के लिए यात्रियों को लंबी लाइन लगाने को मजबूर होना पड़ता है। असल में आरक्षण टिकट के लिए 8 स्टॉफ के सापेक्ष 5 की ही तैनाती है। स्टेशन पर कर्मचारियों की कमीं के चलते पूछताछ काउंटर बंद पड़ा रहता है। पेयजल, साफ सफाई व यात्रियों के बैठने की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इससे यात्रियों को प्रतिदिन संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
लखनऊ वाराणसी मुख्य रेल मार्ग पर स्थित अकबरपुर रेलवे स्टेशन अतिमहत्वपूर्ण स्टेशनों में शामिल है। इसके बावजूद यहां यात्रियों की सुविधाओं का टोटा पड़ा है। स्टॉफ की कमीं से जूझ रहे अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर पेयजल, यात्रियों के बैठने, साफ सफाई व प्रकाश की समुचित व्यवस्था नहीं है। रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी के अनुसार सामान्य टिकट काउंटर पर तीन खिड़कियां हैं, लेकिन मात्र एक ही खिड़की से टिकट वितरण का कार्य होता है। तीनों खिड़कियों से टिकट वितरण के लिए 10 कर्मचारी की आवश्यकता है, लेकिन 4 कर्मचारी ही तैनात हैं।
सुपरवाइजर रामशरण ने बताया कि अक्सर उन्हें भी टिकट वितरण का कार्य करना पड़ता है। इसी प्रकार आरक्षण काउंटर पर दो खिड़कियां हैं, लेकिन 8 के सापेक्ष 5 कर्मचारियों की तैनाती के चलते एक ही खिड़की से टिकट देने का कार्य होता है। यहां तैनात कर्मचारियों को टिकट काटने के साथ ही ट्रेन की स्थिति की यात्रियों को जानकारी देने की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। स्टॉफ की कमीं के चलते स्टेशन पर पूछताछ केंद्र ठप पड़ा है। यात्रियों को सूचना पट पर अंकित जानकारी से ही काम चलाना पड़ता है। ट्रेनों के आवागमन की कोई जानकारी पूछताछ काउंटर से नहीं मिल पाती। ट्रेनों के आवागमन की जानकारी देने के लिए लगा एलसीडी डिस्प्ले बोर्ड भी खराब पड़ा है।
पेयजल व बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं
पेयजल के लिए लगे 4 इंडिया मार्का हैंडपंपों में से 3 हैंडपंप खराब पड़े हैं। दो वॉटर कूलर भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। इन्हें दुरुस्त कराने की सुध नहीं है। पानी की टंकी तो है, लेकिन पेयजल आपूर्ति के लिए अंडरग्राउंड पाइप के क्षतिग्रस्त होने से अक्सर गंदा पानी निकलता है। ऐसे में ट्रेन प्लेटफार्म पर पहुंचने पर पेयजल के लिए यात्रियों को इधर उधर की दौड़भाग लगानी पड़ती है। यात्रियों के बैठने की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। तीन बेंच जहां क्षतिग्रस्त हैं, वहीं आरपीएफ चौकी के सामने लगी बेंच का प्रयोग भी यात्री नहीं कर पाते। इसका प्रयोग पुलिसकर्मी करते हैं। प्लेटफार्म एक व दो के पूर्वी व पश्चिमी छोर पर टीन शेड की मांग लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन इसकी सुध नहीं ली जा रही है। इससे बरसात के दिनों में यात्रियों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी होती है।
स्टाफ की हो तैनाती, दूर हो पेयजल संकट
सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमाकांत मिश्र ने कहा कि यात्रियों के हित व राजस्व के मामले में अकबरपुर रेलवे स्टेशन की महत्ता को देखते हुए यात्री सुविधाएं बढ़ाए जाने की जरूरत है। रिक्त पड़े पदों पर स्टॉफ की तैनाती के साथ ही यात्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। गर्मी का मौसम निकट है। इसे देखते हुए पेयजल समस्या दूर करने के लिए न सिर्फ वॉटर कूलर को दुरुस्त कराया जाए, बल्कि क्षतिग्रस्त पाइप लाइन को भी ठीक कराया जाए।
बढेंगी अन्य यात्री सुविधाएं
यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाए जाने के प्रयास रेलवे लगातार कर रहा है। पार्किंग की सुविधा बढ़ाई गई है। ट्रेनों का ठहराव बढ़ाया गया है। रेल लाइन का विद्युतीकरण कराया जा रहा है। अन्य सुविधाएं भी बढ़ेंगी। -जयप्रकाश, स्टेशन अधीक्षक