बोर्ड परीक्षा कॉपियों के मूल्यांकन का बहिष्कार करेंगे माध्यमिक शिक्षक
अंबेडकरनगर। माध्यमिक शिक्षक संघ जिला कमेटी ने 8 मार्च से शुरू हो रहे यूपी बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। शिक्षकों ने कहा कि पुुरानी पेंशन की बहाली तथा वित्तविहीन मान्यता में संशोधन आदि के मांग को लेकर शिक्षक कापियों का मूल्यांकन नहीं करेंगे।
गुरुवार को आयोजित बैठक में जिलाध्यक्ष अरूण कुमार सिंह ने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व ने मूल्यांकन बहिष्कार का निर्णय लिया है। सरकार को अविलंब पुरानी पेंशन योजना मूल रूप से बहाल करनी चहिए। वित्तविहीन मान्यता की धारा में जरूरी संशोधन अविलंब किए जाने की जरूरत है। तदर्थ शिक्षकों के अद्यतन विनियमितीकरण की मांग करते हुए कहा कि विषय विशेषज्ञों को पूर्व की सेवा का लाभ दिया जाए।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षकों को पूरी तरह एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेना होगा। तय हुआ कि 24 फरवरी को जिला मुख्यालय पर बैठक कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। तहसील व ब्लॉकवार पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे आंदोलन की सफलता तय हो सके। शिक्षक नेताओं ने कहा कि 25 फरवरी को शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल जिला विद्यालय निरीक्षक से मिलेगा और उन्हें कापियों के मूल्यांकन बहिष्कार से संबंधित ज्ञापन सौंपेगा। इसके बाद 28 फरवरी तक विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व प्रबंधकों को हड़ताल के बारे में नोटिस दिया जाएगा।
5 मार्च को सभी मूल्यांकन केंद्रों पर बैठक कर मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद होगी, जबकि 7 मार्च को जिला मुख्यालय पर मशाल जुलूस निकालकर डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। बैठक में जिला मंत्री आशाराम वर्मा, संगठन मंत्री रामलखन वर्मा, कोषाध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय, सुशीलकांत दुबे, राजेश गुप्त, मनोज सिंह, विवेकानन्द तिवारी व संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।