बेंच पर बिठाकर चढ़ा दिया ग्लूकोज
अंबेडकरनगर। मरीजों के इलाज के नाम पर मनमानी का एक बड़ा मामला शुक्रवार को जिला अस्पताल में दिखाई पड़ा। आंख का ऑपरेशन कराने के लिए पहुंची तीन महिला मरीजों को बेड पर लिटाकर ग्लूकोज चढ़ाने की बजाए बैठाकर चढ़ाए जाने की औपचारिकता पूरी कर दी गई। हद तो यह कि एक ही स्टैंड पर ग्लूकोज की तीन बोतल टांग दी गईं। अलग-अलग बोतल से अलग-अलग महिलाओं को ग्लूकोज दिया जाता रहा। मरीजों के जीवन से हो रहे इस तरह के खिलवाड़ को लेकर जब अस्पताल प्रशासन से अमर उजाला की टीम ने सवाल किया तो उनके पास कोई समुचित जवाब नहीं था।
जिला अस्पताल में मरीजों के उपचार को लेकर शुक्रवार को हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई। अमर उजाला टीम जिला अस्पताल के भ्रमण पर थी तभी ऑपरेशन कक्ष के बगल एक नजारा देख टीम ठिठक गई। वहां कक्ष के बाहर रखी एक बेंच पर चार महिलाएं बैठीं थीं। इनमें से तीन को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था।आम तौर पर ग्लूकोज चढ़ाने जैसी प्रक्रिया मरीजों को बेड पर लिटाने तथा समुचित देखरेख के बीच होती है।
ऐसे मरीजों पर लगातार नजर रखने के लिए नर्सिंग स्टाफ तैनात रहता है। लेकिन आपरेेशन कक्ष के बाहर जिस तरह खुले में बेंच पर बिठाकर महिलाओं को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था, वह हैरान कर देने वाला था। अकबरपुर निवासिनी उमा ने बताया कि वह आंख का आपरेेशन कराने यहां आई है, जबकि ग्लूकोज चढ़वा रहीं दो अन्य महिलाओं ने नाम तो नहीं बताया, लेकिन बोली कि चिकित्सक ने आंख के ऑपरेशन से पहले यहीं पर ग्लूकोज चढ़ाने को कहा है। लापरवाही की हद यह कि तीन महिलाओं को ग्लूकोज चढ़ाने के लिए जिन तीन बोतलों का प्रयोग किया जा रहा था, वह सभी बोतल एक ही स्टैंड पर टांग दी गई थीं।
बेंच पर बिठाकर महिलाओं को ग्लूूकोज चढ़ाने का अस्पताल कर्मियों का यह ढंग देख वहां मौजूद अन्य मरीज हैरान व परेशान थे। उधर सीएमएस डॉ. एसपी गौतम से जब इस बावत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मरीजों की स्थिति सामान्य रही होगी, तभी इस तरह ग्लूकोज चढ़ाया गया। ऐसा इसलिए होता है कि जिससे मरीजों को वार्ड से लेकर ओटी तक की दौड़ न लगानी पड़े। फिर भी आगे से यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि मरीजों को वार्डों में ही ग्लूकोज चढ़ाया जाए।