अंबेडकरनगर। कन्वर्जन कास्ट होने के बावजूद ग्राम प्रधानों की लापरवाही के चलते जिले के 45 परिषदीय विद्यालयों में एमडीएम योजना के तहत चूल्हे पूरी तरह ठंडे पड़े हैं। ग्राम प्रधानों की ओर से खाद्यान्न न उपलब्ध कराए जाने से संबंधित विद्यालयों के लगभग पांच हजार छात्र-छात्राओं को मिड-डे मील नहीं मिल पा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए बीएसए कार्यालय ने डीपीआरओ के माध्यम से संबंधित ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही कहा गया कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित दो हजार 49 विद्यालयों में चल रही एमडीएम योजना का समुचित लाभ संबंधित स्कूलों में पढ़ रहे दो लाख 11 हजार 581 छात्र-छात्राओं को नहीं मिल पा रहा है। कभी कन्वर्जन कास्ट की कमी तो कभी ग्राम प्रधानों की लापरवाही के चलते समय पर खाद्यान्न न उपलब्ध कराने से योजना सही तरीके से नहीं चल पा रही है।
मौजूदा समय में 45 विद्यालयों में खाद्यान्न न उपलब्ध होने के चलते एमडीएम योजना पूरी तरह ठप पड़ी है। इससे संबंधित विद्यालयों में पढ़ रहे लगभग पांच हजार छात्र-छात्राओं को मिड-डे मील नहीं मिल पा रहा है। उन्हें भूखे पेट ही पढ़ाई करनी पड़ रही है।
योजना को लेकर लगातार मिल रहीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बीएसए कार्यालय ने लापरवाही बरतने वाले ग्राम प्रधानों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिला पंचायतराज अधिकारी कार्यालय को पत्र लिखा।
इस पर डीपीआरओ ने संबंधित ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं रहा, तो संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिला पंचायतराज अधिकारी राम अशीष चौधरी ने बताया कि बीएसए कार्यालय से मिली सूची के आधार पर संबंधित 45 ग्राम प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
2049 विद्यालयों में चल रही योजना
एमडीएम योजना के जिला समन्वयक सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि जिले के 2049 विद्यालयों में योजना का संचालन कर दो लाख 11 हजार 581 छात्र-छात्राओं को लाभ दिलाया जा रहा है। इसमें 1353 प्राथमिक विद्यालयों के एक लाख 36 हजार 240, 520 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 43 हजार 107, 82 अनुदानित उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 13 हजार 583, दो समाज कल्याण द्वारा संचालित विद्यालयों के 528, तीन राजकीय विद्यालयों के 400, 57 माध्यमिक अनुदानित विद्यालयों के 13 हजार 602, 12 अनुदानित मदरसा कक्षा 1 से 5 कक्षा तक के 1986, 12 अनुदानित मदरसा कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के 1335 तथा 7 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के 800 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
वर्जन
होगी सख्त कार्रवाई
एमडीएम योजना का सुचारु संचालन हो, इसके लिए सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया है। चेतावनी दी गई है कि यदि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए