अकबरपुर उपकेंद्र का ट्रांसफार्मर फुंका, 40 हजार आबादी की बत्ती गुल
अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर के विद्युत उपकेंद्र में लगा ट्रांसफार्मर फुंक जाने की वजह से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। नया ट्रांसफार्मर न लग पाने के कारण कटौती कर अलग अलग क्षेत्रों में बिजली देनी पड़ रही है। इससे नगर में जहां प्रतिदिन पांच से छह घंटे का व्यवधान हो रहा है। इसका खामियाजा लगभग 40 हजार की आबादी को भुगतान पड़ रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आठ से दस घंटे तक बिजली न रहने का दंश उपभोक्ता झेल रहे हैं। कभी तारों के टूटने तो कभी उपकेंद्र में गड़बड़ी आने से आपूर्ति बाधित हो जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि ठंड के मौसम में यह हाल है तो आगामी दिनों में मुश्किल और भी बढ़ेगी।
अकबरपुर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पिछले एक सप्ताह से एक बार फिर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी होने लगी है। शनिवार को अकबरपुर विद्युत उपकेंद्र में लगा एक ट्रांसफार्मर फुंक गया। नतीजा यह हुआ कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था अचानक चरमरा गई। शनिवार को जैसे-तैसे अलग अलग क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति अलग अलग चरण में पहुंचाई जाती रही। उम्मीद थी कि रविवार को नया ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। ऐसे में रविवार को पूरे दिन आपूर्ति में व्यवधान का दौर चलता रहा।
शनिवार व रविवार को दोनों दिन औसतन 6-6 घंटे की आपूर्ति बाधित हुई, जबकि जिला मुख्यालय पर 24 घंटे आपूर्ति का रोस्टर है। उपकेंद्र में आई इस गड़बड़ी का खामियाजा लगभग 40 हजार की आबादी को भुगतना पड़ रहा। उधर इससे पहले बीते शुक्रवार को फैजाबाद मार्ग पर पूर्वान्ह विद्युत तार टूटकर गिर पड़ा। इसे दुरुस्त करने में पांच घंटे लगा दिए गए। पूर्व में हुई अन्य कारणों से छिटपुट कटौती के बाद लगातार पांच घंटे का यह व्यवधान उपभोक्ताओं पर काफी भारी पड़ा। कई अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह आपूर्ति में व्यवधान होता रहता है।
शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी विद्युत आपूर्ति बेपटरी बनी हुई है। नगर के आसपास के क्षेत्रों में आठ से दस घंटे तक का व्यवधान हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों का रोस्टर 18 घंटे का है। ऐसे में लगभग दस घंटे तक की कटौती उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है। उधर अधीक्षण अभियंता एसएन शुक्ल ने बताया कि उपकेंद्र का ट्रांसफार्मर बिगड़ा है। उसे बदलवाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों का व्यवधान भी दिखवाया जा रहा है।