अंबेडकरनगर। आवारा पशु किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बने हुए हैं। मुख्य मार्गों पर भी इनकी मौजूदगी आए दिन दुर्घटनाओं को दावत दे रही है। इनसे निपटने के दावे तो तमाम किए गए, लेकिन अमलीजामा अब तक नहीं पहुंचाया जा सका है। नौ ब्लॉकों के सापेक्ष मात्र दो विकास खंड अकबरपुर व भीटी में पशुशाला/पशु आश्रय केंद्र का निर्माण कार्य शुरू हो सका है। टांडा में सिर्फ भूमि चिन्हित की गई, जबकि अन्य छह ब्लॉकों में अब तक भूमि का चिन्हांकन ही नहीं हो सका है।
आवारा पशुओं को लेकर लोगों की मुसीबतें अभी भी जस की तस हैं। एक तरफ जहां लगभग सभी मुख्य मार्गों पर ऐसे पशुओं की मौजूदगी आवागमन में बाधक बनने के साथ ही हादसे का सबब बन रही है, वहीं इन आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
फसलों को बचाने के लिए किसान रात्रि में जागकर पहरा देने को मजबूर हो रहे हैं। फसलों को ऐसे पशुओं से बचाने के लिए अरसे से गांवों में गौशाला का निर्माण कराने की मांग किसानों द्वारा की जा रही है, लेकिन इसे लेकर शासन व प्रशासन उदासीन बना है। नतीजा यह है कि इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
हालांकि गौशाला निर्माण को लेकर शासन-प्रशासन द्वारा बढ़-चढ़कर दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। दो विकास खंडों में ही पशु आश्रय का निर्माण प्रारंभ किया जा सका है। बताते चलें कि बीते दिनों शासन ने सभी विकास खंडों में 500-500 क्षमता वाले पशु आश्रय खोले जाने का निर्देश दिया था।
अब तक मात्र अकबरपुर के खानजहांपुर व ब्लॉक के तेरिया में ही कार्य प्रारंभ किया जा सका है। टांडा ब्लॉक के चंदैनी में अब तक सिर्फ भूमि ही चिन्हित की जा सकी है। शेष छह ब्लॉकों में अब तक भूमि का ही चिन्हांकन नहीं किया जा सका है।
उधर, पशुपालन विभाग द्वारा कटेहरी विकास खंड के टीकमपारा गांव में एक करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से गौ संरक्षण केंद्र का निर्माण कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए भूमि का चिन्हांकन तो किया गया है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं किया जा सका है।
किसानों को लग रही तगड़ी चपत
भीटी के किसान रामबख्श व गयादीन ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आवारा पशुओं से फसलों को व्यापक नुकसान हो रहा है। प्रशासन को इसे लेकर गंभीरता दिखानी होगी। अकबरपुर के रामतिलक व अतुल कुमार ने कहा कि फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए उन्हें रात में पहरा देने को मजबूर होना पड़ रहा है। आवारा पशुओं से न सिर्फ फसलों को नुकसान हो रहा, बल्कि आमजन को भी इनका शिकार होना पड़ रहा है। फसलों का नुकसान होने से किसानों को तगड़ी चपत लग रही है। ऐसे छुट्टा जानवरों से फसलों को बचाने के लिए गौशाला का निर्माण अविलंब कराने को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को गंभीरता दिखानी होगी।
जल्द कराया जाएगा निर्माण
शासन के निर्देशानुसार सभी ब्लॉकों में 500-500 क्षमता वाले पशु आश्रय खोले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अकबरपुर व भीटी ब्लॉक में निर्माण कार्य प्रारंभ भी हो गया है। शीघ्र ही अन्य ब्लॉकों में भी निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
- मथुरा प्रसाद मिश्र, डीडीओ