अंबेडकरनगर। दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति एसोसिएशन सदस्यों की बैठक एक दिन पूर्व अकबरपुर नगर स्थित दुग्ध अवशीतन केंद्र के प्रांगण में हुई। इसमें दुग्ध अवशीतन कर्मचारियों द्वारा दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों एवं किसानों के उत्पीड़न को लेकर विचार विमर्श हुआ। कहा गया कि किसानों व समितियों का उत्पीड़न किसी भी हालत में बर्दाश्त नही किया जाएगा।
कोषाध्यक्ष रक्षाराम वर्मा ने कहा कि दुग्ध अवशीतन केंद्र कर्मचारियों द्वारा समितियों एवं किसानों का जिस तरह से शोषण किया जा रहा है, वह पूरी तरह से मनमानापूर्ण है। सरकार के आदेशों का भी असर भी कई भ्रष्ट कर्मचारियों पर नहीं पड़ रहा है। एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा लंबे समय से भ्रष्टाचार व शोषण की शिकायत शासन प्रशासन से की जा रही है, लेकिन इस तरफ कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है।
हालत यह है कि प्लांट पर सहायक आपरेटर के पद पर तैनात कर्मचारी लैब का काम देख रहा है, जबकि सहायक के पद पर तैनात कर्मचारी सुपरवाइजर का काम देख रहा है। वहीं किसानों के दूध के फैट व एसएन की कटौती कर कुछ लोगों द्वारा अपनी जेबें गर्म करने का काम किया जा रहा है।
बताया कि एक कर्मचारी के विरुद्ध लगभग दस माह पहले भ्रष्टाचार का आरोप लगा था। जांचोपरांत उसका तबादला अन्य जनपद कर दिया गया था, लेकिन कुछ जिम्मेदारों की मिलीभगत से पुन: वापस आ गया। यह भी बताया कि दूध के बिल में भी हेराफेरी कर लंबा खेल किया जा रहा है। वहीं उन लोगों की समस्याओं पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा। इस मौके पर रमानंद, राधेश्याम मौर्य, सच्चिदानंद, सतीराम वर्मा व बाबूराम वर्मा आदि मौजूद रहे।