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डेढ़ लाख उपभोक्ता भुगतेंगे ट्राई के नए फैसलों की कीमत

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अंबेडकरनगर। ट्राई के निर्णय के चलते जल्द ही जिले के लगभग डेढ़ लाख उपभोक्ताओं के लिए टीवी से मनोरंजन करना महंगा हो जाएगा। दोगुनी से भी ज्यादा कीमत उपभोक्ताओं को 29 दिसंबर से अदा करनी पड़ेगी। जाहिर तौर पर ट्राई के फैसले की मार न सिर्फ केबिल उपभोक्ताओं पर पड़ेगी, वरन डीटीएच उपभोक्ताओं को भी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
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घर-घर में मनोरंजन के बड़े साधन के तौर पर स्थान बना चुकी टीवी के माध्यम से मनोरंजन कर पाना अब महंगा होने जा रहा है। दरअसल ट्राई ने तय किया है कि 29 दिसंबर से एमआरपी नियम लागू होगा। यह नियम लागू होने से न सिर्फ केबिल उपभोक्ताओं को ज्यादा कीमत अदा करनी पड़ेगी, वरन डीटीएच उपभोक्ताओं पर भी भार बढ़ेगा। यह बढ़ोत्तरी दोगुनी से भी अधिक हो सकती है। लगभग 25 लाख आबादी वाले इस जिले में लगभग डेढ़ लाख डीटीएच उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं पर सीधी मार पड़ने वाली है। अभी 250 रुपये से लेकर 1 हजार प्रतिमाह तक के पैकेज का लाभ अपनी सुविधा व पसंद के अनुसार उपभोक्ता उठा रहे हैं। केबिल उपभोक्ताओं को अकबरपुर नगर में प्रतिमाह फिलहाल 250 रुपये में विभिन्न महत्वपूर्ण चैनलों को देखने की सुविधा मिल रही है। टांडा में यही सुविधा उपभोक्ताओं को 150 रुपये से 250 रुपये में दी जा रही है।
जिले के सिर्फ दो शहरी क्षेत्रों अकबरपुर व टांडा में ही अधिकृत तौर पर केबिल संचालन की अनुमति मिली हुई है। इसमें अकबरपुर में इन दिनों एक आपरेटर द्वारा उपभोक्ताओं को सुविधा दी जा रही है, जबकि टांडा नगर में यही कार्य पांच संचालक कर रहे हैं। मनोरंजन कर विभाग के आंकड़ों के अनुसार इन सभी संचालकों से लगभग 4200 उपभोक्ताओं को मनोरंजन का लाभ मिल रहा है। हालांकि सूत्रों के अनुसार इन सभी संचालकों से लगभग 15 हजार उपभोक्ताओं को सुविधा मिल रही है। टैक्स आदि बचाने के लिए ही आपरेटरों द्वारा उपभोक्ताओं की संख्या कम दर्ज कराई जाती है।
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उपभोक्ताओं में दिखा मिलाजुला असर
फोटो 21 से 23
उपभोक्ताओं ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ट्राई के फैसले को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। कुछ उपभोक्ताओं का कहना था कि इससे सर्विस प्रदाताओं पर नकेल कसेगी, तो कुछ का कहना था कि दर बढने की आशंका है। दरें बढ़ने से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उपभोक्ता रामू जायसवाल ने कहा कि यदि चैनलों को खुद के हिसाब से चुनने की आजादी हो और उसी के अनुरूप पैसा लिया जाए, तब तो ट्राई का निर्णय सही होगा। उपभोक्ता महेश शर्मा का कहना था कि यदि एक निश्चित रकम में सभी महत्वपूर्ण चैनल दिखाए जाने का निर्देश जारी हो, तो ही उपभोक्ताओं का भला हो सकता है। सिर्फ उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ाने के लिए फैसला नहीं होना चाहिए। उपभोक्ता राजन पांडेय ने कहा कि केबिल व डीटीएच आपरेटर अक्सर अपने पैकेज में मनमाने ढंग से चैनलों को थोप देते हैं। चैनलों को थोपने की आदत पर रोक लगाई जानी चाहिए। ऐसा होने पर ही उपभोक्ताओं का वास्तविक भला हो सकेगा।

उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान
शासन से अभी कोई नया निर्देश नहीं आया है। ट्राई का कोई नया निर्देश मिला, तो उसका पालन कराया जाएगा। उपभोक्ताओं को कोई भी शिकायत होने पर वे कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में आकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। -शेषमणि यादव, मनोरंजन कर अधिकारी
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