टांडा (अंबेडकरनगर)। मानक के अनुरूप न होने का हवाला देकर एफसीआई टांडा द्वारा चावल वापस कर दिए जाने से नाराज राइसमिलर एसोसिएशन के तत्वावधान में मंगलवार को राइसमिलरों ने एफसीआई टांडा कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों पर अवैध धन उगाही का आरोप लगाते हुए कहा गया कि मानक के अनुरूप होने के बावजूद मनमाने ढंग से चावल वापस कर दिया गया। राइस मिलरों के साथ इस प्रकार का व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी गई कि यदि चावल नहीं लिया गया, तो बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
मंगलवार पूर्वाह्न राइसमिलर एसोसिएशन के बैनरतले बड़ी संख्या में राइसमिलर एफसीआई टांडा गोदाम के समक्ष पहुंचे। प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष दिनेश कुमार अग्रहरि ने कहा कि एक दिन पहले सोमवार को लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट द्वारा चावल एफसीआई गोदाम टांडा बिक्री के लिए भेजा गया था। यहां के तकनीकी सहायक ने उसे यह कहते हुए लेने से इंकार कर दिया कि चावल मानक के अनुरूप नहीं है।
आरोप लगाते हुए कहा कि दरअसल कर्मचारियों द्वारा चावल लेने के नाम पर राइस मिलरों से अवैध धनउगाही की जाती है। जो नहीं देता है, उसके साथ मनमानी बरती जाती है। कहा कि चावल पूरी तरह मानक के अनुरूप है। इसमें किसी भी प्रकार की खराबी नहीं है। सिर्फ राइस मिलरों को परेशान किया जाता है।
महामंत्री रामअजोर ने कहा कि एफसीआई द्वारा राइस मिलरों का शोषण किया जा रहा है। इसकी कई बार शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। अब और उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित केंद्र द्वारा चावल नहीं लिया गया और राइसमिलरों का शोषण बंद नहीं किया गया, तो न सिर्फ चावल की खरीद फरोख्त का कार्य ठप कर देंगे, बल्कि बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे। इस दौरान यमुना प्रसाद, रजनीश सिंह, अनिल कुमार जायसवाल, राजेश उपाध्याय आदि मौजूद रहे। एडीएम गिरिजेश त्यागी ने कहा कि इन मामलों को दिखवाया जा रहा है। व्यापारियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।