भीटी (अंबेडकरनगर)। तहसील क्षेत्र में लगभग सात करोड़ की लागत से बनकर तैयार दो विद्युत उपकेंद्र से एक सप्ताह के बाद कभी भी विद्युत आपूर्ति शुरू हो सकती है। विभाग ने इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं। इन उपकेंद्रों के शुरू होने से लगभग 70 हजार की आबादी को सुचारु आपूर्ति का सीधा लाभ मिलेगा।
गौरतलब है कि भीटी तहसील क्षेत्र में व्याप्त विद्युत समस्याओं को समाप्त करने के लिए तत्कालीन सपा सरकार ने भीटी व सेनपुर में 7 करोड़ 22 लाख की लागत से विद्युत उपकेंद्र स्थापित का निर्णय लिया था। दोनों उपकेंद्रों के भवन बनकर तैयार हैं। विद्युत संचालन के लिए सभी जरूरी उपकरण भी स्थापित कर दिए गए हैं। कर्मचारियों की तैनाती न होने से दोनों उपकेंद्र के संचालन का कार्य शुरू करने में अड़चन आ रही थी। विभाग के मुताबिक उपकेंद्र के सारे तकनीकी कार्य लगभग एक माह पहले पूर्ण कर लिए गए हैं।
दोनों उपकेंद्रों को जिला मुख्यालय के महमदपुर स्थित उपकेंद्र से आपूर्ति की जानी है। यहीं से तार आदि भी खींचा गया है। शुरुआती दौर में महमदपुर गांव स्थित रेलवे क्रॉसिंग उसके बाद तिवारीपुर व मिझौड़ा आदि गांव के पास किए जा रहे विद्युत कार्य का ग्रामीणों ने खासा विरोध किया था। इस समस्या को सुलझाने में विभाग को करीब डेढ़ वर्ष का समय लग गया। इसके साथ ही रेल विभाग की अनुमति के बाद रेलवे क्रासिंग पर अंडर ग्राउंड केबिल को लेकर आ रही समस्या को दूर कर लिया गया।
कर्मचारियों की तैनाती भी गत दिवस कर ली गई। सेनपुर उपकेंद्र में चार कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। भीटी में जो नया उपकेंद्र बना है। वह पुराने परिसर में ही है। ऐसे में फिलहाल वहां मौजूद कर्मचारी ही उसका संचालन वैकिल्पक ढंग से कर लेंगे। बाद में वहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
बताते चलें कि दोनों उपकेंद्र शुरू होने से भीटी तहसील मुख्यालय समेत आसपास के क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में खासा सुधार होगा। सबसे ज्यादा लाभ लो-वोल्टेज के संकट व बार बार की ट्रिपिंग से मिलेगी। इससे कृषि कार्यों समेत विद्युत चालित लघु उद्योग धंधों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
एक सप्ताह बाद शुरू होगी आपूर्ति
दस दिसंबर के बाद दोनों उपकेंद्रों पर विद्युत आपूर्ति शुरू हो जाने की पूरी उम्मीद है। इसके लिए अंतिम प्रक्रिया चल रही है। भीटी क्षेत्र को इससे बेहतर ढंग से बिजली मिलेगी। -एके यादव, अधिशाषी अभियंता विद्युत