अंबेडकरनगर। धान खरीद में किसानों का शोषण रोकने के लिए प्रशासन ने राइस मिलरों व आढ़तियों पर शिकंजा कस दिया है। जारी आदेश में कहा गया कि सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य 1750 से कम पर यदि किसी ने धान की खरीद की तो शिकायत का संज्ञान लेते हुए संबंधित राइस मिलर या आढ़त का लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। उधर प्रशासन के इस रूख को देखते हुए तमाम राइस मिलरों व आढ़तियों ने खरीद ही न करने का निर्णय लिया है।
गौरतलब है कि जिले में पिछले एक नवंबर से धान की खरीद शुरू हुई है। इसमें साधन सहकारी समिति सचिवों की हड़ताल के चलते तेजी नहीं आ पा रही है। नतीजा यह है कि किसानों को गेहूं बोने के लिए रकम की जरूरत है। इसके लिए उन्हें धान की बिक्री कर नकद रुपये की आवश्यकता है। यह जरूरत उन्हें आढ़तियों व राइस मिलरों के माध्यम से आसानी से हासिल हो जाती है।
हालांकि उन्हें इसके बदले औने-पौने दाम पर धान की बिक्री करनी पड़ती है। अधिकतम 1300 रुपये प्रति क्विंटल तक का ही भुगतान आढ़तियों व राइस मिलरों द्वारा किया जा रहा था। इसमें भी कई आढ़ती एक हजार से लेकर बारह सौ रुपये का ही भुगतान कर रहे हैं। राज्य सरकार ने जबकि समर्थन मूल्य 1750 रुपए प्रति क्विंटल कर रखा है।
किसानों को यह मूल्य मिल सके, इसके लिए जिला प्रशासन अब आगे आया है। डीएम सुरेश कुमार ने एक दिन पहले अधिकारियों की बैठक कर उन्हें निर्देशित किया कि आढ़तियों, थोक व्यापारी व मिलर्स को कड़े निर्देश जारी किए जाएं।
इस क्रम में अकबरपुर मंडी समिति सचिव आशीष सिंह ने सभी थोक व्यापारी, आढ़ती व मिलर्स को पत्र जारी कर कहा है कि जिन भी लोगों ने कृषि उत्पादों का व्यापार करने के लिए लाइसेंस लिया है, वे कतई 1750 रुपये प्रति क्विंटल से कम पर धान की खरीद न करें।
यदि इस बारे में कोई शिकायत मिली तो क्रय नीति का उल्लंघन करने के आरोप में लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा। बाद में इसे निरस्त भी किया जा सकता है। इसी तरह के निर्देश खाद्य विभाग ने भी जारी किया है। प्रशासन की इस सख्ती को लेकर आढ़तियों व राइस मिलर्स में हड़कंप का माहौल है।
राइस मिलर्स हालांकि रिकवरी प्रतिशत आदि मुद्दे को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल पर हैं, फिर भी तमाम राइस मिलर्स द्वारा धान की खरीद औने-पौने दाम पर की जा रही थी। प्रशासन की इस नोटिस के बाद अब ज्यादातर राइस मिलर्स ने धान की खरीद से किनारा कर लिया है। यही हाल आढ़तियों व थोक विक्रेताओं का है।
किसानों को दिलाया जाएगा पूरा मूल्य
किसानों का हित तय करने के लिए ही यह निर्देश जारी किए गए हैं। किसानों को पूरा मूल्य दिलाया जाएगा। उन्हें परेशान होने की जरूरत नही है।
-सुरेश कुमार, डीएम