जलालपुर (अंबेडकरनगर)। लक्ष्मी गणेश मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा के दौरान दो पक्ष आपस में भिड़ गए। उनमें दो चक्र जमकर मारपीट हुई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने सख्ती कर मामला शांत कराना चाहा, तो आक्रोशित लोगों ने पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। बाद में थाने से बड़ी संख्या में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजकर भीड़ को तितर-बितर किया। पुलिस की लाठी से 10 लोगों के घायल होने की खबर है। इस बीच बल प्रयोग करने से नाराज लोगों ने मूर्ति विसर्जन रोककर हंगामा शुरू कर दिया। बाद में पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तथा भाजपा नेताओं ने पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों का आक्रोश शांत कराया। इसके बाद मूर्तियों का विसर्जन हो सका।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात लक्ष्मी व गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए नगपुर में शोभायात्रा निकली हुई थी। बताया जाता है कि इसी बीच नगपुर निवासी राकेश साहू बाइक से डीजल लेकर घर जा रहा था। इसी बीच शोभायात्रा में मौजूद एक व्यक्ति से बाइक छू गई। आरोप है कि उस व्यक्ति ने राकेश की पिटाई कर दी। राकेश घर गया और डीजल रखकर वापस फिर से लौट आया। यहां उसकी एक बार फिर से संबंधित व्यक्ति से मारपीट हुई। इस पर वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने सख्ती कर दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस की कार्रवाई से लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस कर्मियों को दौड़ा लिया। इस पर पुलिसकर्मियों को मौके से भागना पड़ा।
कुछ देर बाद थाने से कोतवाली प्रभारी नीरज सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनका आक्रोश कम होने की बजाए और भड़कगया। इस पर पुलिसकर्मियों ने लाठियां भांजना प्रारंभ कर दिया। लाठीचार्ज से मौके पर अफरातफरी मच गई। मारपीट व पुलिस की लाठी से राकेश साहू (25), राजन (10), सुरेंद्र (26), फिरतू (65), रमेश (35), रामप्रसाद (22), शिवप्रसाद (26), अनिल (35), सूरज (20) समेत दस लोग घायल हो गए। पुलिस के बलप्रयोग से नाराज लोगों ने मूर्ति विसर्जन करने से इन्कार कर दिया। वे दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस मौके पर पहुंचे प्रभारी एसडीएम तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव व वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. राजेश सिंह ने दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। इसके बाद मूर्तियों का विसर्जन हो सका।
नहीं किया गया बल प्रयोग
किसी प्रकार का कोई बल प्रयोग नहीं किया गया। दो पक्ष आपस में विवाद कर रहे थे, जिन्हें समझाकर मामला शांत कराया गया। किसी पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी है। -नीरज सिंह, कोतवाली प्रभारी