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चायनीज झालरों का बाजार पर दबदबा कायम

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अंबेडकरनगर। रोशनी के पर्व दीपावली के मौके पर घरों व प्रतिष्ठानों को भव्य रूप से सजाने के लिए रंगबिरंगी झालरों की दुकानें जिला मुख्यालय से लेकर छोटी बड़ी बाजारों में सज गई हैं। देशी झालरों को पीछे छोड़ते हुए चायनीज झालरों ने बाजार में अपना दबदबा कायम रखा है। सस्ती व आकर्षक होने के चलते इन झालरों की मांग अन्य के सापेक्ष अधिक है। इन सबके बीच मिट्टी के दीये भी अपनी उपस्थिति बनाए रखने में सफल हैं।
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दीपावली पर्व निकट आते ही इसका उल्लास लोगों में बढ़ने लगा है। पर्व के उल्लास में किसी भी प्रकार की कमीं न रह जाए, इसके लिए आवश्यक तैयारियां तेज कर दी गई हैं। घरों व प्रतिष्ठानों की रंगाई पुताई के साथ ही साफ सफाई का कार्य भी तेज कर दिया गया। घरों व प्रतिष्ठानों से लेकर मंदिरों की साज सजावट के लिए जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की बाजारों में रंगबिरंगी झालरों की दुकानें सज गई हैं। चायनीज झालरें इस वर्ष भी बाजार में अपना दबदबा बनाए हुए हैं। देशी झालरों के सापेक्ष चायनीज झालरों की बिक्री अधिक हो रही है। दरअसल चायनीज झालरें जहां आकर्षक हैं, वहीं इनका दाम भी देशी झालरों के सापेक्ष कम है। शहजादपुर के दुकानदार संतोष गुप्ता ने कहा कि देशी झालरों के साथ ही चायनीज झालरों की भी बिक्री जमकर हो रही है। अकबरपुर के दुकानदार झुग्गीलाल ने कहा कि उन्होंने चायनीज के साथ साथ देशी झालरों को भी बिक्री के लिए लाए हैं। सस्ती व आकर्षक होने के चलते चायनीज की अधिक बिक्री हो रही है। बताया कि चायनीज झालरें 60 रुपये से 150 रुपये तक में बिक रहीं, तो देशी झालरें 80 रुपये से 200 रुपये तक बिक्री की जा रही हैं।
अकबरपुर के रामप्रकाश व दीपकुमार ने कहा कि दीप पर्व पर के उत्साह में किसी भी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए उन्होंने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं। कहा कि उन्होंने अपने घर दुकान को भव्य रूप से सजाने के लिए चायनीज व देशी दोनों प्रकार की झालरें खरीदी हैं। शहजादपुर के संदीप व गोलू ने कहा कि झालरों के अलावा वे मिट्टी के दीयों से भी घर व दुकान को रोशन करेंगे। इसके लिए आवश्यक खरीदारी शुरू कर दी है।
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मिट्टी के दीप भी दर्ज करा रहे उपस्थिति
रंगबिरंगी झालरों के बीच मिट्टी के दीप भी अपनी उपस्थिति बनाए हुए हैं। यह अलग बात है कि झालरों के सापेक्ष इनकी बिक्री कम हो रही है। मिट्टी के दीपों की बिक्री करने वाले रामसिंगार ने कहा कि पहले के सापेक्ष मिट्टी के दीपों की बिक्री कम हो रही है। कहा कि पहले के सापेक्ष लागत भी अधिक आती है। ऐसे में लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। चूंकि उनका परिवार दशकों से दीप के निर्माण में लगा हुआ है। इसके चलते वे इसका निर्माण कर रहे हैं।
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पिछले वर्ष की अपेक्षा डेढ़ गुना बढ़े झालरों के दाम
झालर एक वर्ष पहले अब
1-दीये का झालर 60 रुपये प्रति दस मीटर 100 रुपये प्रति दस मीटर
2-मल्टी कलर 120 रुपये प्रति 20 मीटर 160 रुपये प्रति 20 मीटर
3-गोल्डेन 140 रुपये प्रति 20 मीटर 180 रुपये प्रति 20 मीटर
4-क्रिसमस लाइट झालर 130 रुपये प्रति 16 मीटर 160 रुपये प्रति 16 मीटर
5-मोमबत्ती झालर 60 रुपये प्रति 42 दाना 100 रुपये प्रति 42 दाना
6-इण्डियन झालर 60 रुपये प्रति दस मीटर 120 रुपये प्रति दस मीटर
7-राकेट झालर 190 रुपये प्रति 50 मीटर 280 रुपये प्रति 50 मीटर
8-मिर्ची झालर 18 रुपये टप्रति 5 मीटर 30 रुपये प्रति 5 मीटर
9-ओम आकार 300 रुपये 450 रुपये
10-गुंबदा आकार 250 रुपये 370 रुपये
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