अंबेडकरनगर। किसानों व आमजन की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनिटी कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट के निकट चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को भी जारी रहा। कहा गया कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक धरना समाप्त होने वाला नहीं है।
मंडल उपाध्यक्ष चलाकू पाल ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकारें खुद का किसानों का सबसे बड़ा हितैषी होने का दावा करती हैं, लेकिन उसे जमीनी हकीकत देने को लेकर तनिक भी गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। लगातार बढ़ती महंगाई व कर्ज में डूबे किसान आत्महत्या कर रहे हैं, लेकिन सरकारों पर कोई असर नहीं है।
खाद, बीज व पेट्रो पदार्थों के दाम में लगातार वृद्धि हो रही है। इसके सापेक्ष किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि जिले में नहर व माइनर की साफ सफाई की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस तरफ जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान नहीं है। टेल तक पानी न पहुंचने से किसानों को वैकल्पिक व्यवस्था कर सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे उन्हें आर्थिक चपत लग रही है।
वक्ताओं ने कहा कि गन्ना किसानों का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। जब भी इसे लेकर आवाज बुलंद की जाती है, तो सिर्फ आश्वासन ही दिया जाता है। इसे लेकर न तो प्रशासन गंभीर हो रहा और न ही अकबरपुर चीनी मिल प्रशासन। इससे संबंधित गन्ना किसानों के समक्ष विभिन्न प्रकार की आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।
चेतावनी देते हुए कहा गया कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान अमरनाथ भारती, जयंती प्रसाद, शांति देवी, सुनीता, संगीता, गिरिजाशंकर, लालजी, बसंत कुमार आदि मौजूद रहे।